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Haryana

खर्च में बड़ी हेराफेरी की जांच कर रहा चौकसी ब्यूरो

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सत्यखबर सफीदों (महाबीर मित्तल) – हरियाणा के राजकीय स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों पर मिड-डे मील, वजीफा, किताबें, स्टेशनरी, जूते व वर्दी पर सत्र 2014-15 व 2015-16 के दौरान किए गए खर्च में बड़ी हेराफेरी के दर्ज मामले की जांच कर रही चौकसी ब्यूरो ने स्कूलों से इस आशय का ब्यौरा मांगा है। सूत्र बताते हैं कि सफीदों में भी दाखिल दिखाकर उन पर खर्च किये दिखाए गए विद्यार्थियों से वास्तव में नियमित रूप से स्कूल जाते रहे विद्यार्थियों की संख्या मेल नहीं खा रही है जिस वजह से अनेक अध्यापक कार्रवाई की आशंका से डरे हैं।

चौकसी ब्यूरो से शिक्षा विभाग को भेजे पत्र के अनुसार करनाल के चौकसी ब्यूरो थाने में मार्च 2018 में दर्ज हुए एक गबन, साजिश व हेराफेरी के बड़े मामले की जांच में यह जानकारी राजकीय स्कूलों से मांगी गई है। दर्ज मामले में आरोप है कि विद्यार्थियों की फर्जी संख्या दिखाकर उनके नाम पर ये सुविधाएं दिखाते हुए बड़ी रकम हड़प कर ली गई। पिछले सप्ताह ब्यूरो के महानिदेशक ने बैठक बुलाकर सभी जिला अधिकारियों को मांगी गई सूचना स्कूलों से जुटाने को एक माह का समय दिया है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार आंकड़े अनेक जगह संदिग्ध हैं जिस पर कार्रवाई के डर से संबंधित प्रभारी सहमे हैं।

जारी पत्र अनुसार दोनों शिक्षा सत्रों में पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल में दाखिल छात्रों की संख्या, इनमें स्कूल छोडऩे वाले छात्रों की संख्या और स्कूल छोडऩे का कारण, मिड डे मील पर हुए माहवार खर्च की राशि, वर्दी, जूते, बैग, स्टेशनरी व किताबों के पैसे जिन विद्यार्थियों को दिए उनकी संख्या, कितने विद्यार्थियों को इस दौरान वजीफा दिया गया, वजीफे की राशि व लाभार्थी विद्यार्थी का बैंक अकाउंट नंबर, प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति, बैग, जूते, स्टेशनरी, किताबें इत्यादि पर कितना खर्च हुआ यह ब्यौरा अनुसूचित जाति वर्ग, पिछड़ी जाति वर्ग व सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का अलग-अलग मांगा गया है तथा कुल विद्यार्थी संख्या के 10 प्रतिशत विद्यार्थियों का पता भी तसदीक करने की बात कही गई है। सफीदों के खंड शिक्षा अधिकारी नरेश वर्मा ने बताया कि सफीदों के आंकड़े तैयार कर दिए गए हैं जो मंगलवार को जांच अधिकारी को सौंप दिए जाएंगे।