Haryana News: सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का जोश चरम पर है। पानीपत से हरिद्वार जाने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रोडवेज विभाग ने भले ही पांच अतिरिक्त बस परमिट लिए हों लेकिन अब ये भी कम पड़ने लगे हैं। हरिद्वार जाने के लिए यात्रियों को बसों में चढ़ने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पनीपत बस अड्डा श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी तरह भर चुका है और विभाग को अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है।
हरिद्वार जाने वालों की भीड़ में कांवड़िए ही नहीं आम श्रद्धालु भी
कांवड़ यात्रा के अलावा हर साल सावन के महीने में आम श्रद्धालु भी गंगा स्नान और दर्शन के लिए हरिद्वार जाते हैं। चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर में दर्शन का विशेष महत्व होता है। हर की पौड़ी पर सुबह और शाम की आरती देखने हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस कारण बस अड्डे पर भीड़ बढ़ती जा रही है। पनीपत डिपो की बसों के अलावा जींद, कैथल, झज्जर, रेवाड़ी और रोहतक डिपो की बसें भी इस रूट से होकर जाती हैं लेकिन फिर भी भीड़ के आगे ये बसें नाकाफी साबित हो रही हैं।

ट्रेन सेवा नहीं होने से लोग सड़क मार्ग पर निर्भर
पानीपत से हरिद्वार के लिए कोई सीधी ट्रेन सेवा नहीं है। यदि कोई ट्रेन है भी तो वह दिल्ली होकर जाती है जिससे यात्रा लंबी हो जाती है। ऐसे में ज्यादातर यात्री रोडवेज बस या प्राइवेट गाड़ियों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन हर कोई प्राइवेट गाड़ी का खर्च नहीं उठा सकता इसलिए रोडवेज ही उनका मुख्य विकल्प बनता है। सावन में गंगा स्नान और शिव मंदिरों के दर्शन करने का विशेष महत्व है इसलिए लोग हर हाल में हरिद्वार पहुंचना चाहते हैं।
जल्द बढ़ सकती हैं बसों की संख्या
रोडवेज जीएम विक्रम कांबोज ने बताया कि भीड़ को देखते हुए ऑनलाइन परमिट बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अभी फिलहाल 18 बसें हरिद्वार के लिए चलाई जा रही हैं लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ये पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि विभाग का प्रयास है कि किसी भी यात्री को असुविधा न हो। जल्द ही नई बसें चालू की जा सकती हैं ताकि श्रद्धालुओं को आरामदायक सफर मिल सके।

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