Haryana के अंबाला में स्थित लघु सचिवालय के तहसील कार्यालय परिसर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कुछ लोग पंजाबी गाने पर झूमते हुए नाच रहे हैं और साथ ही खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। टेबल पर देसी शराब की बोतलें, पकोड़े, सिगरेट और जरदा भी साफ नज़र आ रहे हैं। ये दृश्य उस स्थान के हैं जहां आम नागरिकों की जमीन-जायदाद से जुड़ी रजिस्ट्रियाँ और कागजात तैयार होते हैं।
सरकारी कर्मचारी नहीं, फिर भी मिल रही खुली छूट
वीडियो में जो लोग नजर आ रहे हैं वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि प्राइवेट व्यक्ति बताए जा रहे हैं। इन पर पहले भी शिकायतें हो चुकी हैं। 2005 में पूर्व पार्षद ओंकार नाथी और 2021 में तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज तक मामला पहुंच चुका है। लेकिन इसके बावजूद इन लोगों की तहसील परिसर में लगातार आवाजाही बनी हुई है और कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

स्कैनर व्यवस्था के बावजूद सुरक्षा में सेंध
तहसील परिसर में हाल ही में एक स्कैनर सिस्टम लगाया गया है जिससे केवल अधिकृत व्यक्ति जैसे पटवारी, तहसीलदार और अन्य कर्मचारी ही अंदर जा सकते हैं। फिर सवाल यह उठता है कि आखिर ये प्राइवेट व्यक्ति इस सुरक्षित जोन में कैसे पहुंचे? और कैसे उन्होंने वहां शराब पीने और डांस करने जैसा असामाजिक कृत्य किया? यह सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही का संकेत देता है।
तहसीलदार बोलीं – पहले जानकारी नहीं थी
मामले को लेकर तहसीलदार प्रियंका का कहना है कि उन्हें इस बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। वायरल वीडियो में जो लोग नजर आ रहे हैं, उन्हें वह पहचानती भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा कृत्य हो जाने के बाद भी प्रशासन अब तक केवल “जांच के बाद” की बात क्यों कर रहा है।
आम जनता की जगह बना शराब पार्टी हॉल
जिस जगह आम लोगों को जमाबंदी की कॉपी या रजिस्ट्री के कागजात लेने होते हैं, वही जगह अब नशे और नाच-गाने का अड्डा बन गई है। यह घटना ना केवल सरकारी व्यवस्था की पोल खोलती है बल्कि ये भी दर्शाती है कि तहसील जैसी संवेदनशील जगहों पर भी अनुशासन और निगरानी की भारी कमी है।

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