हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। जो उन्हें ठीक लगता है वह भी और जो उन्हें ठीक नहीं लगता है वह भी सार्वजनिक रूप से कहने से नहीं चूकते।
कुछ समय पहले पंजाब व हरियाणा में डंकी रूट की बुरी लत लग गई थी। इसमें बहुत से युवाओं को जान से हाथ धोना पड़ा। मनोहर लाल कहते हैं, विदेश में रोजगार के अवसर हैं लेकिन डंकी रूट से जाना बहुत गलत फैसला है। इससे युवा जान जोखिम में डालकर अपना जीवन अंधकार में डाल रहे हैं और लोगों के घर भी बर्बाद हो रहे हैं।

निसिंग खंड के डबरी गांव का उदाहरण दिया और रोजगार की स्थिति पूछी तो सरपंच ने कहा की नौकरी तो कम हैं लेकिन विदेश में गांव के 300 युवा गए हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि युवाओं का डंकी रूट से जाने का बिल्कुल गलत फैसला था। उन्होंने हमेशा इसका विरोध किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि युवा विदेश में तो जाएं लेकिन सरकार की ओर से निर्धारित तरीके से ही जाएं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा उन्होंने विदेशों में जाकर देखा है कि वहां रोजगार के अवसर हैं और यहां से पैसा तो ज्यादा है लेकिन उस मुताबिक हमारी पढाई व काबिलियत भी होनी चाहिए। विदेश में जाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से आईटीआई के माध्यम से युवाओं को नि:शुल्क पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में हरियाणा के 200 बच्चे इजराइल में काम कर रहे हैं।
वहीं हरियाणा कौशल रोजगार के माध्यम से एक हजार नए आवेदन भी आए हैं। उन्होंने रोजगार मेले का प्रतिनिधित्व कर रही देशभक्त यूनिवर्सिटी के वीसी व एनआरआई बोपाराय को आश्वासन दिया कि वह प्रदेश से उन्हें 500 वेटनरी डॉक्टर देने को तैयार हैं, उनकी भर्ती प्रक्रिया भी जल्द पूरी करवाई जाए।

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