Haryana: हरियाणा के जींद जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सात सदस्यों पर धर्म के नाम पर लोगों को धमकाने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला 27 अगस्त का है, जब आरोपियों ने एक पादरी के घर पहुंचकर उन्हें और उनके साथ प्रार्थना में शामिल लोगों को धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें इसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता का बयान
शिकायत दर्ज कराने वाले कर्मबीर, जो भिवानी रोड स्थित अजमेर बस्ती के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि वे इसाई धर्म में आस्था रखते हैं। हर रविवार को वे अपने घर पर प्रार्थना सभा का आयोजन करते हैं, जिसमें आसपास के 40 से 50 लोग शामिल होते हैं। 27 अगस्त को भी जब प्रार्थना चल रही थी, तभी विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुनील सिंगला, प्रांत प्रचार टोली सदस्य नवीन कुमार, जयपाल, बजरंग दल सदस्य हरीश रामकली, चंद्रमोहन, महाबीर और एक अन्य व्यक्ति उनके घर के सामने आए और धमकाने लगे।

धमकी और विवादित बयान
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि “अगर इस इलाके में रहना है तो हिंदू बनकर रहना होगा। यहां किसी अन्य धर्म के लोग नहीं रह सकते। अगर कोई दूसरे धर्म का प्रचार करेगा तो उसकी हड्डियां तोड़ देंगे।” आरोपियों ने यहाँ तक कहा कि इस कॉलोनी को “हिंदू कॉलोनी” बना दो और यह केवल “राम और कृष्ण की धरती” है, न कि किसी बाबर या यीशू की। इस तरह के बयानों ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सातों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी महिपाल ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल, इस घटना ने इलाके में धार्मिक सौहार्द और शांति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी।

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