Haryana Politics: कांग्रेस हाईकमान हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने की लाख कोशिश करे, लेकिन हरियाणा कांग्रेस के नेता कांग्रेस उच्चकमान के प्रयासों को नकारा साबित करने का काम करते हैं।
हिसार सांसद जयप्रकाश ने कांग्रेस नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह डूमरखां पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह डूमरखां कभी भाजपा, कभी कांग्रेस का हिस्सा रहे और केवल सत्ता का आनंद उठाते रहे। पहले 10 साल कांग्रेस में और फिर 10 साल भाजपा में मौज की, और अब दोबारा कांग्रेस ज्वाइन कर ली।
जयप्रकाश ने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह डूमरखां अब बुजुर्ग हो चुके हैं और सक्रिय राजनीति से रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा उन्हें टिकट देने का विरोध खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह डूमरखां कर थे।

बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह पर टिप्पणी करते हुए जयप्रकाश ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जब भाजपा सरकार तीन कृषि कानून लागू कर रही थी, उस वक्त बृजेंद्र सिंह ने किसानों के पक्ष में एक शब्द नहीं बोला। यही कारण है कि भाजपा में उनका टिकट काटना तय था। इसी वजह से उन्होनें कांग्रेस का दामन थामा था।
5 अक्टूबर से शुरू होने वाली कांग्रेस की सद्भावना यात्रा को लेकर जेपी ने कहा कि पार्टी की ओर से अभी तक उन्हें कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है। यदि पार्टी की ओर से संदेश मिलेगा तो उसके बाद ही इस यात्रा पर विचार किया जाएगा। उन्होनें कहा कि सद्भावना यात्रा निकालने से अच्छा होता वह 3 काले कानूनों का डटकर विरोध करते।
जयप्रकाश का बीरेंद्र-बृजेंद्र पर हमला कांग्रेस की गुटबाजी का खुला प्रदर्शन है। कांग्रेस हाईकमान ने गुटबाजी को छोड़कर कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान किया था, लेकिन यह बात हरियाणा के नेताओं को अभी तक समझ नहीं आ रही है।

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