Rao Narendra Singh ने संभाला मोर्चा, इनेलो के आरोपों पर पलटवार, 10 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुए इनेलो नेता

Rao Narendra Singh ने संभाला मोर्चा, इनेलो के आरोपों पर पलटवार, 10 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुए इनेलो नेता

हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष Rao Narendra Singh ने इनेलो नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर खुद मोर्चा संभालते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इनेलो नेता भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं। इसीलिए तथ्यहीन, झूठे और राजनीतिक द्वेष पूर्ण आरोप लगाते आए हैं। सच्चाई यह है कि इनेलो नेताओं ने तथाकथित वीडियो से छेड़छाड़ कर रखी है। इसलिए उनका कोई नेता कोर्ट में गवाही तक देने नहीं आया।

उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से इनेलो नेता इस मामले में खुद कोर्ट में बुलाने पर भी पेश नहीं हो रहे हैं, जबकि वह खुद वर्ष 2016 में इस मामले को लेकर कोर्ट में गुहार लगाई थी और इनेलो के नेताओं को पार्टी बनाया था। कोई भी नेता नौ साल से कोर्ट में पेश तक नहीं हुआ। इनेलो न तो सबूत लेकर कोर्ट में आई और न ही जवाब देने की हिम्मत कर पाई। इस पार्टी को पता है कि उनके द्वारा जारी किया गया वीडियो पूरी तरह से एडीटिड है।

Rao Narendra Singh ने संभाला मोर्चा, इनेलो के आरोपों पर पलटवार, 10 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुए इनेलो नेता

इनेलो जब यह फर्जी वीडियो लेकर सामने आया था, तब लोकायुक्त ने भी इसकी जांच की थी। फोरेंसिक जांच में साबित हो चुका है कि इनेलो की वीडियो एडीटिड थी। इनेलो नेताओं से जब मूल वीडियो मांगा गया तो उन्होंने जानबूझकर ब्लैंक पेन ड्राइव लोकायुक्त को सौंप दिया और मूल वीडियो को छिपा लिया।

मूल वीडियो सामने आने पर यह पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो जाती। Rao Narendra Singh ने कहा कि हरियाणा में पूरी तरह साख खो चुके और भाजपा की प्रोक्सी के रूप में काम करने वाले इनेलो नेताओं के बयानों या टिप्पणियों का कोई महत्व नहीं है। ये लोग केवल झूठ और तथ्यहीन आरोपों के आधार पर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इनके हर झूठ का जवाब पहले भी माननीय कोर्ट में दिया गया है। हम माननीय कोर्ट को मानने वाले लोग है। भविष्य में भी कोर्ट में ही जवाब दिया जाएगा।

Rao Narendra Singh ने अध्यक्ष बनते ही पहले ही दिन पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात करने के साथ-साथ हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र कल्याण से मिलकर उन्हें भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाए जाने का पत्र भी सौंपा।

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