Haryana Electricity Bills: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल, चेयरमैन नंदलाल शर्मा और सदस्य मुकेश गर्ग की अगुवाई में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया है। यह आदेश 1 अप्रैल से लागू हो गया है।
मासिक न्यूनतम चार्ज (एमएमसी) खत्म
इसके तहत हर महीने 300 यूनिट तक मासिक बिजली खपत और 5 किलोवाट तक लोड वाले घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए मासिक न्यूनतम चार्ज (एमएमसी) खत्म कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को उतनी ही बिजली देनी होगी, जितनी वे खपत करेंगे।
किसानों को भी राहत
माना जा रहा है कि इससे 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट की मामूली दर वृद्धि के असर को संतुलित किया जा सकेगा। साथ ही, अनावश्यक खपत को रोकने में भी मदद मिलेगी। इन आदेशों में किसानों को भी राहत दी गई है। मीटर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए मासिक न्यूनतम चार्ज ₹200 से घटाकर 188/144 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष कर दिया गया है। यह लोड पर निर्भर करेगा।
20 किलोवाट लोड के लिए 4.75 रुपए प्रति यूनिट और इससे अधिक लोड के लिए 6.50 रुपए प्रति यूनिट दर तय की गई है। वहीं वितरण हानि की अधिकतम सीमा 10% तय की गई है। इसके अलावा 6 महीने के भीतर आपूर्ति लागत का अध्ययन करवाना अनिवार्य किया गया है।
पीएम सूर्य घर योजना का बढ़ेगा दायरा
ये निर्देश दिए गए आयोग ने वितरण कंपनी को पीएम सूर्य घर योजना का सरलीकरण करने, समय पर नेट मीटर उपलब्ध कराने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक 200 मेगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) स्थापित करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर विशेष ध्यान दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में व्यापार बकाया बढ़कर 6,370 करोड़ रुपए हो गया है। इसे कम करने के लिए बकाया वसूली और भंडारण में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
इन मुद्दों पर भी रहा फोकस एचवीपीएनएल ने 572.23 करोड़ रुपए की ऐसी चीजों की पहचान की है, जो अभी उपयोग में नहीं हैं। इनका बेहतर प्रबंधन जरूरी है। खराब मीटरिंग, ट्रांसफार्मर फेलियर और लंबित कनेक्शन जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया है।
आयोग ने शहरी फीडरों के एटीएंडसी घाटे को 20 फीसदी और ग्रामीण फीडरों के घाटे को 40 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही उपभोक्ताओं के लिए सरल और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।