Haryana में बिजली क्रांति! अब ढाणियों को मिलेगा सीधे गांव से कनेक्शन!

Haryana सरकार अब ढाणियों और कैंपों को 24 घंटे बिजली देने की दिशा में काम कर रही है। उत्तर Haryana बिजली निगम के प्रबंध निदेशक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि गांव की फिरनी से तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले कैंपों और ढाणियों को नजदीकी पावर सप्लाई फीडर से बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। इससे दूर-दराज बसे लोगों को भी अब निरंतर बिजली सुविधा मिल सकेगी।
300 मीटर तक का खर्च निगम उठाएगा, आगे उपभोक्ता और निगम मिलकर करेंगे वहन
मीणा ने बताया कि अगर बिजली लाइन गांव की फिरनी से 300 मीटर की दूरी तक बिछाई जानी है, तो उपभोक्ता को सिर्फ सर्विस कनेक्शन चार्ज देना होगा, बाकी सारा खर्च निगम खुद उठाएगा। वहीं, यदि दूरी 300 मीटर से ज्यादा है, तो एलटी/एचटी लाइन की कुल लागत का 50 फीसदी उपभोक्ता और 50 फीसदी निगम देगा। खास बात यह है कि ट्रांसफार्मर की पूरी लागत भी निगम ही वहन करेगा।
अगर कृषि फीडर से गांव फीडर पर शिफ्ट होना है, तो खर्च जमा करना होगा
प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि जिन ढाणियों और कैंपों को फिलहाल कृषि फीडर से बिजली मिल रही है और वे गांव फीडर पर शिफ्ट होना चाहते हैं, उन्हें शिफ्टिंग का खर्च जमा कराना होगा। हालांकि, इसमें भी ट्रांसफार्मर का खर्च निगम उठाएगा। साथ ही जहां लकड़ी के खंभों या अस्थाई ढांचे पर कनेक्शन लगे हुए हैं, वहां अब स्थायी और पुख्ता ढांचा निगम खुद तैयार करेगा।
किसानों को ट्यूबवेल पर सब्सिडी जारी रहेगी, कोल्ड स्टोरेज को मिलेगी सस्ती बिजली
किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन पर मिलने वाली सब्सिडी भी जारी रहेगी। भले ही ट्यूबवेल के लिए बिजली दर ₹6.48 से बढ़ाकर ₹7.35 प्रति यूनिट कर दी गई है, लेकिन किसानों को सिर्फ ₹0.10 प्रति यूनिट ही देने होंगे। बाकी ₹7.25 प्रति यूनिट की राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। इससे किसानों को सालाना ₹6,718 करोड़ की राहत मिलेगी। इसके अलावा, कोल्ड स्टोरेज को भी अब सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जो पहले ₹7.50 प्रति यूनिट की दर से दी जाती थी।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को न सिर्फ राहत देगी, बल्कि बिजली की सुविधा से उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी।