अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, मेडिकल लापरवाही के आरोपों की होगी जांच
सत्य खबर हरियाणा
Crime News : ब्रेन सर्जरी के बाद अधिवक्ता पुष्पेंद्र की मौत के मामले में अदालत के आदेश पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने अदालत के निर्देश पर 26 अगस्त को एफआईआर नंबर 170 दर्ज की है। मामले में धारा 106 और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों में डॉ. नमन तनेजा, डॉ. कनिका और अस्पताल के निदेशक दीपांकर देसवाल शामिल हैं।

शिकायतकर्ता देवेंद्र ने अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया था कि 17 फरवरी 2026 की रात पुष्पेंद्र खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें पैरालिटिक अटैक आया। परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल जींद लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार और सीटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया।
शिकायत के अनुसार, अस्पताल के गेट पर एक एंबुलेंस चालक ने मरीज की हालत बेहद गंभीर बताते हुए परिजनों को चौ. कुलदीप मेमोरियल अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर जाने की सलाह दी। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उपचार के लिए जल्द निर्णय लेने को कहा। परिजनों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना मरीज की ब्रेन सर्जरी कर दी गई और उपचार के नाम पर उनसे रुपये मांगे गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सर्जरी से पहले आवश्यक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी नहीं थी। अस्पताल में सीटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा और पर्याप्त प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने का भी आरोप लगाया गया। सर्जरी के बाद मरीज की हालत बिगड़ती गई और 22 फरवरी को उनकी मौत हो गई।
अदालत ने 18 जुलाई के आदेश में कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का संकेत देते हैं। अदालत ने सिविल लाइन थाना प्रभारी आशीष कुमार को मामला दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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