वर्ल्ड जूनियर कुश्ती में स्वर्ण पदक लेकर विश्व विजेता बनी रोहतक की तपस्या गहलावत ने मुख्यमंत्री के OSD Gajendra Phogat से मुलाकात करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गजेंद्र फौगाट ने तपस्या गहलावत को स्मृति चिन्ह व उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उसके साथ खाप के राष्ट्रीय सचिव अशोक मलिक, तपस्या के पिता, हरियाणा गौशाला संघ के उपाध्यक्ष जयवीर आर्य, डीपीआरओ संजीव सैनी, सीएम अवार्डी अमित दहिया विशेष रूप से मौजूद रहे।
अपने संबोधन में ओएसडी गजेंद्र फौगाट ने कहा कि खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नायब सरकार द्वारा लागू की गई नायाब खेल नीति कारगर साबित हुई है। इस कड़ी में हजारों बच्चों को ग्रामीण स्तर पर उनके ही गांव में सैंकड़ों खेल नर्सरी, कोच व डाइट की सुविधा देकर उन्हें बचपन से ही अपनी खेल प्रतिभा को तराशने का मौका देना मील का पत्थर साबित होगा। फौगाट ने प्रदेश सरकार की सराहना करते कहा कि ओलंपिक विजेता को 6 करोड़, 4 करोड़ व अढाई करोड़ इनाम देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ये योजना चलाई थी जिसे नायब सरकार ने बखूबी अनवरत जारी रखा है। आने वाले समय में ये प्रोत्साहन खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा।

मुख्यमंत्री नायब सैनी युवाओं को कर रहे हैं खेल के प्रति प्रेरित
फौगाट ने आगे कहा कि खेल जगत में हरियाणा नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, जिसके दम पर भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक दमखम से अपनी पहचान बनाएगा। आज मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ दिन रात जिले जिले जाकर युवाओं को नशे से दूर रहने को प्रेरित कर रहे हैं। अभी फतेहाबाद व कुरुक्षेत्र में भी मैराथन का आयोजन किया गया है।
डाक्टर बनना चाहती थी तपस्या लेकिन खेल की राह चुनी
तपस्या के पिता परमेश भी कुश्ती के खिलाड़ी रहे हैं। मां प्राध्यापिका हैं और तपस्या को डॉक्टर बनाना चाहती थी पर तपस्या ने खेल की राह चुनी व कड़ी मशक्कत से वर्ल्ड चेम्पियन बनी है।