Haryana: फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित आवास पर फायरिंग का सीधा कनेक्शन हरियाणा से जुड़ा हुआ सामने आया है। फायरिंग करने वाले दो मुख्य शूटर बीती देर शाम एनकाउंटर में मारे गए। सोनीपत एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। मारे गए आरोपियों की पहचान रोहतक निवासी रविंद्र और सोनीपत निवासी अरुण के रूप में हुई है। उनके पास से दो ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद हुईं। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने फायरिंग की थी। जब पुलिस ने बारिकी से फुटेज की जांच की तो फायरिंग करने वाले शख्स ने लाल जूते पहने हुए थे। इसके अलावा बदमाशों का जो हुलिया और पहनावा था वो भी बरेली के आसपास का नहीं लग रहा था। हालांकि, अब यूपी एसटीएफ, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ ने दोनों बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मुठभेड़ में मारे गए बदमाश रविंद्र ने लाल जूते पहने हुए थे, जो उसके लिए ‘काल’ साबित हुए।

रोहतक के काहनी गांव निवासी रविन्द्र के पिता कालू सिंह ने रविंद्र का शव लेने से इंकार कर दिया है। उसने हरियाणवी में कहा, उसे म्हारे घर तक ना लाइयो, वहां पर दाग दे दियो। म्हारे सामने मत लाइयो। पिता ने कहा कि उनके पास पुलिस का कोई फोन नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रवींद्र पहले किसी छोटे-मोटे झगड़े में जेल गया था। इसके बाद से वह गांव में कम ही आता था। रवींद्र करीब साल भर से गांव में नहीं दिखा।
हरियाणा STF के एसपी वसीम अकरम ने देर रात सोनीपत में बताया कि सूचना मिली थी कि दोनों शूटर गाजियाबाद में छिपे हुए हैं। इसके बाद STF यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम को मौके पर भेजा गया। अभियान में यूपी पुलिस, नोएडा STF और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी शामिल किया गया।
शाम करीब 7:20 बजे पुलिस ने बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। दोनों ने रुकने के बजाय गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस जीप पर तीन गोलियां लगीं और एक गोली एक जवान को लगी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि अरुण कुख्यात गिरोहों के लिए पेशेवर शूटर के तौर पर काम करता था। वहीं रविंद्र पर हरियाणा के विभिन्न जिलों में छह आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस को शक है कि इन दोनों का संबंध अंतर्राष्ट्रीय गिरोहों से भी हो सकता है।