Haryana News: हरियाणा के भिवानी जिले स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब जननायक जनता पार्टी की छात्र इकाई इनसो (INSO) का 23वां स्थापना दिवस मनाने पहुंचे दिग्विजय चौटाला को विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पहले ही कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी, जिस कारण भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जैसे ही इनसो कार्यकर्ता पुराने कैंपस के बाहर एकत्र हुए, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोका।
पुलिस हिरासत में गए दिग्विजय चौटाला
इस दौरान इनसो कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जब स्थिति तनावपूर्ण होती दिखी, तो पुलिस ने दिग्विजय चौटाला सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर इनसो के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। उनका कहना था कि यह कार्रवाई छात्र आवाज को दबाने का प्रयास है।

लोकतंत्र की हत्या का आरोप
हिरासत में लिए जाने के बाद दिग्विजय चौटाला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधारोपण, शहीदों को श्रद्धांजलि और बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों पर चर्चा करना था। लेकिन उन्हें कैंपस में घुसने तक नहीं दिया गया। चौटाला ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है और संविधान के खिलाफ है।
आरएसएस पर लगाया कब्जे का आरोप
दिग्विजय चौटाला ने चौकाने वाला बयान देते हुए कहा कि अब विश्वविद्यालय आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र संगठनों की आवाज को दबाया जा रहा है और विशेष विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो भविष्य में इनसो किसी भी राजनीतिक दल को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करने देगी।
छात्र राजनीति पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय प्रशासन के रिश्तों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह भी है कि यदि इनसो एक पंजीकृत छात्र संगठन है, तो उन्हें कार्यक्रम आयोजित करने से क्यों रोका गया? क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष निर्णय लिया या किसी दबाव में आकर यह कदम उठाया? इन सवालों का जवाब आने वाले समय में सामने आएगा।