अभी तीन दिन और बढ़ेगा तापमान, इसके बाद कुछ राहत की उम्मीद
सत्य खबर हरियाणा
Haryana Weather Update : मानसून ब्रेक के चलते हरियाणा में एक बार फिर तापमान बढ़ने लगा है। शुक्रवार को हिसार प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।
राज्य में मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसकने के कारण बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ (IMD) के अनुसार, आज प्रदेश के सिर्फ 3 उत्तरी जिलों (पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर) में 1-2 स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, जींद, हिसार, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और नूंह समेत बाकी सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिन तक तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने के आसार हैं। 3-4 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 10 से 15 सितंबर के बीच मानसून की विदाई होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मानसून टर्फ हरियाणा से बाहर की ओर खिसक गई है। इसके चलते मानसून की गतिविधियों में कमी आई है और दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को हिसार का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा भिवानी में 37.5 और नूंह में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यमुनानगर में 8.5 एमएम बारिश हुई, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा।
किसानों के लिए एडवाइजरी
कृषि मौसम विज्ञान विभाग (HAU, हिसार) के अनुसार, 31 अगस्त तक तक हरियाणा में बारिश गतिविधियां सुस्त बनी रहेंगी और मौसम मुख्य रूप से परिवर्तनशील रहेगा। हालांकि, 1 सितंबर से 3 सितंबर के बीच मानसूनी हवाओं में फिर से थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना बन रही है।
अगले 3 से 4 दिनों में हल्की वर्षा की संभावना और बदलते मौसम को देखते हुए फसलों में सिंचाई और कृषि रसायनों (पेस्टिसाइड्स) का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है। वातावरण में उच्च आर्द्रता के कारण फसलों में रस चूसक कीटों (सफेद मक्खी, जेसिड और गुलाबी सुंडी) तथा धान में जड़ सूंडी (Root Weevil) का प्रकोप बढ़ सकता है। किसान नियमित रूप से फसलों की निगरानी करें।
अत्यधिक उमस के कारण पशुओं और पोल्ट्री फार्म में वेंटिलेशन (पंखे/एग्जॉस्ट) की उचित व्यवस्था रखें ताकि सफोकेशन (घुटन) न हो। पशुओं को साफ पानी और हरा चारा दें तथा 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक खुराक में मिलाएं।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
बारिश के सीजन में जींद में सामान्य से 56 प्रतिशत, अंबाला में 50, सिरसा में 50, कैथल में 47, रोहतक में 41, करनाल में 39, पलवल में 27, पानीपत में 19, हिसार में 17 और महेंद्रगढ़ में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। भिवानी और कुरुक्षेत्र में 10-10 प्रतिशत, फतेहाबाद में 3, चरखी दादरी में 1, नूंह में 5 और फरीदाबाद में 3 प्रतिशत सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 से 15 सितंबर के बीच प्रदेश से मानसून लौटने की संभावना है।
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