हरियाणा सरकार ने केंद्र से औपचारिक तौर पर पंजाब के पूर्व DGP और रिटायर्ड IPS अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे की कथित हत्या की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की है। अब इस मामले में केंद्र सरकार को फैसला करना है कि वह इस मामले को सीबीआई को सौंपती है या नहीं। एक वीडियो में बेटे ने पिता पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसके बाद दूसरे वीडियो में उसने अपने ही आरोपों को खारिज कर दिया था। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में पूर्व DGP और रिटायर्ड IPS अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की कथित हत्या के मामले में हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को केंद्र सरकार को एक फॉर्मल रेफरेंस दिया गया, जिसमें इस हाई-प्रोफाइल केस में केंद्रीय जांच एजेंसी के दखल की मांग की गई। अकील अख्तर ने एक कथित वीडियो में आरोप लगाया था कि उनके पिता मुस्तफा का उनकी पत्नी (अकील) के साथ अवैध संबंध हैं। हालांकि, एक अन्य वीडियो में अकील ने तबीयत का हवाला देते हुए आरोपों को वापस ले लिया था।
हालांकि, जांच एजेंसी को तब सौंपी जाएगी जब केंद्र सरकार इस खास केस के लिए दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को हरियाणा तक बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लेगी। इससे पहले, सामने आया था कि पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के अगले हफ्ते, संभवतः सोमवार, 27 अक्टूबर को चल रही पुलिस जांच में शामिल होने की उम्मीद है। मुस्तफा ने कन्फर्म किया कि उनका परिवार जांच में सहयोग करेगा। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जुड़े पंचकूला के एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा कि मुस्तफा को बुधवार को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें इन्वेस्टिगेटर के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 35 साल के अकील अख्तर 16 अक्टूबर की रात को सेक्टर 4, MDC, पंचकूला में अपने घर पर बेहोश पाए गए थे और उनके परिवार वाले उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले गए थे। अस्पताल में उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। चूंकि शुरू में किसी गड़बड़ी का शक नहीं था, इसलिए बॉडी को मॉर्चरी में रखा गया और अगले दिन सहारनपुर में अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
17 अक्टूबर को अकील की एक डायरी की तस्वीर सामने आई थी, जिसमें लिखा था- “अगर मेरी मौत हो जाती है, तो इस डायरी में मेरा मरने से पहले का बयान है। और मुझे एल्युमिनियम फॉस्फाइड पॉइजनिंग के लिए चेक किया जाना चाहिए।” जब डायरी के बारे में पूछा गया, तो मुस्तफा ने कहा कि यह परिवार के पास है। उन्होंने कहा, “अगर वे कहेंगे तो हम इसे पुलिस को सौंप देंगे।” शुरुआती जांच में अकील के दाहिने हाथ पर कोहनी के पास सिरिंज का निशान मिला। पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सूत्रों ने बताया कि यह मामला दवा के ओवरडोज के बजाय पॉइजनिंग का लग रहा है। मलेरकोटला के रहने वाले और AAP के पूर्व सहयोगी शमशुद्दीन चौधरी की शिकायत के बाद, 20 अक्टूबर को मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी और बहू (अकील की पत्नी) के खिलाफ BNS की धारा 103(1) और 61 के तहत FIR दर्ज की गई। चौधरी ने पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस बीच, परिवार गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कोर्ट जा सकता है।
25 को अंतिम प्रार्थना
अकील अख्तर के लिए 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। पूर्व DGP के अनुसार इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी।
मैं दोषी हूं, फांसी चढ़ने को तैयार
पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा, “वह (शम्सुद्दीन चौधरी) एक राजनेता का मोहरा बन गए हैं। मैं किसी से नहीं डरता। अगर आप शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन जाते हैं, तो मामला दर्ज करना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने (शम्सुद्दीन चौधरी) जो एक पैराग्राफ पुलिस को दिया, उसे एफआईआर में बदल दिया। मैं इसका स्वागत करता हूं और मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगा। अगर मैं दोषी हूं, तो मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं।” मुस्तफा ने कहा कि एक पिता के लिए अपने इकलौते बेटे को खोने से बड़ा कोई दर्द नहीं होता।