विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा की तरफ आकर्षित करने का नया फार्मूला

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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को सरकार देगी दो हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति

सत्य खबर हरियाणा

Haryana ITI Admission 2026 : हरियाणा सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देकर तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित करने की तैयारी में है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की पहल की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी छात्र तकनीकी प्रशिक्षण बीच में न छोड़े। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से आईटीआई में दाखिले बढ़ेंगे, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आधार

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का मानना है कि तकनीकी शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास की बुनियाद है। इसी सोच के तहत सरकार प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहयोग को भी जोड़ रही है, ताकि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थी बिना अतिरिक्त बोझ के प्रशिक्षण पूरा कर सकें। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह पहल युवाओं को तकनीकी शिक्षा की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में भी मदद करेगी।

प्रदेशभर में करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश

वर्ष 2026-27 के प्रवेश सत्र में हरियाणा के 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी आईटीआई शामिल हैं। इन संस्थानों में करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थियों को 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में प्रशिक्षण का विकल्प मिलेगा, जिनमें पारंपरिक ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

उद्योग में सीखेंगे, नौकरी के लिए होंगे तैयार

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सरकार इस समय ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) पर विशेष जोर दे रही है। इस मॉडल में विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान ही उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। मशीनों पर काम करने, उत्पादन प्रक्रिया समझने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और औद्योगिक कार्यप्रणाली सीखने का अवसर मिलने से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ती।

आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने सभी आईटीआई में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। यहां आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, ट्रेड चयन और सीट आवंटन से जुड़े सभी चरणों में विद्यार्थियों की सहायता की जा रही है। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी बिना किसी कठिनाई के तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकें।

आठवीं से बारहवीं पास तक के लिए अवसर

आईटीआई में प्रवेश के लिए आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग ट्रेडों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे रोजगार या स्वरोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

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सरकार की रणनीति क्या है

हरियाणा सरकार तकनीकी शिक्षा को सीधे उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। एक ओर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को स्टाइपेंड देकर प्रशिक्षण जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पाठ्यक्रमों को उद्योग आधारित बनाया जा रहा है। इससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं के रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और राज्य को कुशल कार्यबल भी मिलेगा।

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