सरकारी नौकरी करने वालों के लिए प्रमोशन (Promotion) का इंतज़ार हमेशा ही एक बड़ा सपना होता है। खासतौर पर जब कोई शिक्षक (Teacher) सालों-साल मेहनत करके स्कूल को आगे बढ़ाता है तो उसके मन में एक आस होती है कि एक दिन वो प्रिंसिपल (Principal) बनेगा। लेकिन जब सिस्टम में प्रमोशन का रास्ता ही बंद हो या बहुत सीमित हो तो ये सपना अधूरा रह जाता है। पंजाब में भी कुछ ऐसा ही हाल था जहां स्कूलों में सिर्फ 50% प्रिंसिपल्स की नियुक्ति प्रमोशन के जरिए होती थी बाकी डायरेक्ट भर्ती (Direct Recruitment) से। इस वजह से कई टीचर्स का करियर वहीं अटका रह जाता था।
सरकार का बड़ा कदम
अब इस सिस्टम को बदलने जा रही है आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार। पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए स्कूलों में प्रिंसिपल्स की नियुक्ति में प्रमोशन कोटा को 50% से बढ़ाकर 75% कर दिया है। इस फैसले से जहां एक ओर पुराने और अनुभवी शिक्षकों को सम्मान मिलेगा वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता (Education Quality) भी सुधरेगी।
500 नए प्रिंसिपल्स की होगी नियुक्ति
इस फैसले के बाद अब 500 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में नए प्रिंसिपल्स की भर्ती प्रमोशन के जरिए की जाएगी। इससे उन शिक्षकों को बड़ा लाभ मिलेगा जो कई सालों से एक ही पद पर काम कर रहे हैं और प्रिंसिपल बनने के योग्य हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस (Harjot Bains) ने कहा कि यह फैसला स्कूलों की स्थिति सुधारने और योग्य स्टाफ को उचित पद देने के लिए लिया गया है।
कांग्रेस के वक्त था 50% का कोटा
गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त स्कूलों में प्रिंसिपल प्रमोशन का कोटा सिर्फ 50% था। इसका सीधा असर ये हुआ कि हजारों शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिल पाया और स्कूलों में नेतृत्व की कमी बनी रही। कई स्कूल बिना स्थायी प्रिंसिपल्स के ही चल रहे थे जिससे स्कूलों के मैनेजमेंट में दिक्कतें आती थीं।
हरजोत बैंस ने दी जानकारी
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाना है। इसके लिए ज़रूरी है कि स्कूलों में अनुभवी और समर्पित प्रिंसिपल्स हों। प्रमोशन से नियुक्ति होने पर जो व्यक्ति स्कूल की ज़मीन हकीकत को समझता है वही नेतृत्व करेगा।”