मंत्री के नाम पर लिया सिम, ट्रूकॉलर पर आ रहा मंत्री का नाम, अधिकारियों और भाजपा नेताओं को मंत्री बन किए फोन
सत्य खबर हरियाणा
Cyber Crime with the name of Minister Ranbir Gangwa : हिसार पुलिस ने मंत्री रणबीर गंगवा बनकर कॉल करने वाले गिरोह के दो लोगों को राजस्थान से पकड़ा है। पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है। तत्काल यह नहीं पता चल पाया है कि इन लोगों ने मंत्री के नाम पर कोई पैसे की ठगी भी की है या नहीं। पुलिस पूछताछ में इस मामले का पूरा खुलासा होने की संभावना है।

हरियाणा के PWD एवं पब्लिक हेल्थ मंत्री रणबीर गंगवा के नाम से फर्जी सिम निकलवाकर 2 साइबर ठगों ने अधिकारियों और नेताओं को कॉल कर दी। एक अधिकारी को कॉल कर कहा, अपने आदमी भेज रहा हूं, काम कर देना। इसके बाद पानीपत और करनाल भाजपा जिलाध्यक्षों को भी फोन किया गया। जब इन नेताओं को शक हुआ तो इन्होंने खुद मंत्री को फोन कर वेरिफाई किया। मामला फर्जी निकला तो तुरंत पुलिस को शिकायत दी गई।
हिसार साइबर थाना पुलिस और CIA की टीम ने राजस्थान के अलवर जिले के नाडका से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मंत्री गंगवा के फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कराए थे, इन्हीं से सिम इश्यू हुआ था।
किसी व्यक्ति को शक ना हो, इसलिए आरोपियों ने 17 जुलाई को हिसार में हुए कार्यक्रम की फोटो अपनी वॉट्सएप डीपी पर लगाई थी। इस फोटो में मंत्री गंगवा के साथ कई नेता हैं।
ट्रू कॉलर दिखता था मंत्री का नाम
हिसार पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने मंत्री के फेक डॉक्यूमेंट से ही सिम इश्यू कराए थे। हालांकि अभी यह सामने नहीं आया कि ये सिम कहां से खरीदे गए। ट्रू कॉलर पर भी मंत्री रणबीर गंगवा का ही नाम दिखाई देता था।
गुरुग्राम-अंबाला में अधिकारियों को कॉल की
आरोपियों ने 18 जुलाई को पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट अंबाला के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर भूपेंद्र सिंह को कॉल कर कहा, मैं अपना आदमी भेज रहा हूं, इसका काम कर देना। इसके बाद आरोपियों ने पानीपत और करनाल के भाजपा जिलाध्यक्षों को भी कॉल की। 18 जुलाई को ही आरोपी ने इसी नंबर से पीडब्ल्यूडी गुरुग्राम के SDO (सब डिविजन ऑफिसर) प्रेम सिंह को कॉल कर कहा, आपसे एक व्यक्ति मिलने आएगा, उसका काम कर दीजिएगा।
भाजपा जिलाध्यक्षों को हुआ शक
20 जुलाई को कॉलर ने पानीपत भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट और करनाल जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर को भी कॉल किया। दोनों जिलाध्यक्ष मंत्री गंगवा को पर्सनली जानते थे, उनकी आवाज भी पहचानते थे। कॉल करने वाले की बातचीत और लहजे पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद करनाल जिलाध्यक्ष ने मंत्री रणबीर गंगवा के निजी नंबर पर कॉल पूरा मामला वेरिफाई किया। जब इस फर्जीवाड़े की भनक मंत्री के करीबी मित्र सतबीर वर्मा को लगी, उन्होंने खुद 20 जुलाई को आरोपी के मोबाइल नंबर *****4037 पर कॉल मिलाया। जब सतबीर वर्मा ने उससे पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं, तो आरोपी ने बिना किसी झिझक के कहा, मैं हरियाणा का कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा बोल रहा हूं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
PA की शिकायत पर कार्रवाई
मंत्री के निजी सहायक (PA) अरुण कुमार ने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई व्यक्ति मंत्री जी के नाम से सिम जारी करवाकर उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और अलवर (राजस्थान) से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में एसपी सिद्धांत जैन का कहना है कि मंत्री के PA की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।
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