उत्तर प्रदेश में H1N1 इन्फ्लुएंजा और सीजनल फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। लखनऊ और पश्चिमी यूपी में बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने जांच, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों की ट्रैकिंग पर विशेष जोर दिया है।
H1N1 मामलों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता
उत्तर प्रदेश में H1N1 इन्फ्लुएंजा और सीजनल फ्लू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शनिवार सुबह डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन में अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।
बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ, सीएमएस और मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। अधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
मरीजों की पहचान और ट्रैकिंग पर जोर
ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों से कहा कि कहीं भी H1N1 का मामला सामने आए तो उसकी सही तरीके से पहचान और ट्रैकिंग की जाए। जरूरत के अनुसार मरीजों की जांच कराकर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
खासकर लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। सरकार का जोर शुरुआती स्तर पर मामलों की पहचान करने पर है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

जांच के नाम पर मनमानी फीस नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने पैथोलॉजी संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि H1N1 या संबंधित जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि मरीजों से नहीं ली जानी चाहिए।
अगर किसी पैथोलॉजी सेंटर पर तय शुल्क से ज्यादा वसूली की शिकायत सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश ऐसे समय आया है जब वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के बीच जांच की मांग भी बढ़ सकती है।
दवाओं की उपलब्धता को लेकर आश्वासन
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों की छुट्टियों पर भी नजर
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को शासन की स्वीकृति के बाद ही अवकाश मिलेगा। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की कमान मजबूत बनाए रखना है।
सरकार ने साफ किया है कि H1N1 को लेकर प्रदेश को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
H1N1 और सीजनल फ्लू के बीच स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वायरल संक्रमण में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकार की निगरानी के साथ लोगों की जागरूकता भी जरूरी है।
फिलहाल यूपी में स्वास्थ्य विभाग की नजर हर जिले पर है। संदेश साफ है—घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करना भी समझदारी नहीं होगी।