प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीट पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान वाला विधेयक संसद में लाने की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि केवल नया कानून पर्याप्त नहीं है और सरकार को जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
CJP ने प्रधानमंत्री के बयान पर दी प्रतिक्रिया
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में सबसे कड़ी कार्रवाई करना चाहती है तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही सरकार की सबसे बड़ी जवाबदेही होगी।
संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया कटाक्ष
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा कर प्रस्तावित कानून पर परोक्ष रूप से टिप्पणी की। तस्वीर में बिना चारदीवारी वाले परिसर का गेट बंद करते हुए दिखाया गया, जिसे कई लोग प्रस्तावित विधेयक पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी सरकार काम कर रही है।
सरकार ने आरोपियों पर कार्रवाई का किया दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष और छात्रों का विरोध जारी
सरकार की घोषणा के बावजूद विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कर रहा है। वहीं, जंतर-मंतर पर छात्र और युवा प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
पेपर लीक के खिलाफ नए कानून की तैयारी के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। सरकार जहां इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और CJP का कहना है कि जवाबदेही तय किए बिना केवल नया कानून समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।