सरकार और सीजेपी के बीच न्यूट्रल स्थान पर होगी बातचीत, कॉकरोच जनता पार्टी अड़ी अपनी मांगों पर
सत्य खबर हरियाणा
Sonam wangchuk indefinite hunger strike : गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया। नीट परीक्षा विसंगतियों और पेपर लीक मामले के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही किसी भी समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में भाग लेने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक है। सरकार पहले ही संसद में पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़े शैक्षिक सुधारों के समाधान खोजने के लिए विस्तृत चर्चा का भरोसा दे चुकी है। इसके अलावा, सरकार हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हम खुश हैं। हमने कल भी पत्र लिखकर सोनम सर से उपवास समाप्त करने का अनुरोध किया था…यह आंदोलन जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक जारी रहेगा। हम बहुत खुश हैं कि सरकार हमारा अनुरोध मान गई है कि बातचीत न्यूट्रल जगह पर हो। बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है।”
CJP प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा, “सरकार हमसे न्यूट्रल स्थान पर मिलने के लिए सहमत हो गई है। हम अपनी मांगें रखेंगे, जिन पर हम पहले दिन से कायम हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर सभी एफआईआर हटाई जाएं और उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता की।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वांगचुक का अनशन खत्म करने का फैसला छात्रों के हितों के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता में उनके भरोसे को दिखाता है। सरकार ने बार-बार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परीक्षा सुधारों को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया है। देश के युवाओं का हित सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को एक औपचारिक चिट्ठी भेजी थी। इस पत्र में उन्होंने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि यदि सरकार उन्हें यह लिखित और स्पष्ट आश्वासन देती है कि ‘चलो संसद’ मार्च और इस आंदोलन में शामिल हुए किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या कानूनी पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वे आज ही अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। इस चिट्ठी के बाद जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे।
सरकार को मिला ‘एग्जिट रूट’
सरकार ने वांगचुक की नरम और व्यावहारिक मांगों को मानकर उनके साथ समझौता कर लिया है। ऐसा होने पर वांगचुक का अनशन समाप्त हो गया। अब सरकार जंतर-मंतर पर डटी कॉकरोच जनता पार्टी की ‘इस्तीफे’ की मांग को “विपक्ष की राजनीतिक साजिश” बताकर आसानी से खारिज कर पाएगी। यह आंदोलन को खत्म करने का आसान रूट माना जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और वांगचुक का रूख अलग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बीच अब मांगों को लेकर अलग रूख दिखने लगी है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे राजनीतिक संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेताओं का पूरा ध्यान इस समय इस बात पर केंद्रित है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। पार्टी इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार की पूरी जवाबदेही तय करने पर अड़ी है।
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