हरियाणा कांग्रेस प्रभारी आज से करेंगे 5 दिन का दौरा, हर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से होगी अलग-अलग बैठक
सत्य खबर हरियाणा
Congress incharge in South Haryana : हरियाणा कांग्रेस प्रभारी आज से 5 दिन के दक्षिणी हरियाणा दौरे पर हैं। इन पांच दिनों में कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और गुरुग्राम का दौरा करेंगे। इन पांच जिलों में 19 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से पांच सीटों पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। बात अगर जिलों के हिसाब से की जाए तो नूंह में कांग्रेस मजबूत नजर आती है। मेव बाहुल्य इस इलाके में कांग्रेस ने सभी तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। राज्यसभा चुनाव के दौरान यहां के पुनहाना से विधायक मोहम्मद इलियास ने क्रॉस वोटिंग की थी और वह वर्तमान में भाजपा के नजदीक बने हुए थे। इसी प्रकार पलवल की हथीन विधानसभा से विधायक मोहम्मद इसराइल ने क्रॉस वोटिंग की थी और वह भी भाजपा के साथ गलबहियां कर रहे हैं।

दौरे की खास बात यह है कि केवल जिला स्तरीय बैठकें नहीं होंगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग सत्र रखे गए हैं। फरीदाबाद में पृथला, बड़खल, तिगांव, बल्लभगढ़ और एनआईटी, पलवल में होडल, हथीन और पलवल, नूंह में पुनहाना, फिरोजपुर झिरका और नूंह, रेवाड़ी में रेवाड़ी, कोसली और बावल तथा गुरुग्राम में बादशाहपुर, सोहना, पटौदी और गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से अलग-अलग संवाद होगा। इससे नेतृत्व को हर विधानसभा की अलग राजनीतिक तस्वीर मिल सकेगी।
30 जुलाई से 4 अगस्त तक संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और गुरुग्राम का दौरा करेंगे। इस दौरान जिला कार्यकारिणी के साथ-साथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बैठकें कर जमीनी फीडबैक लिया जाएगा।
पार्टी नेतृत्व इस अभियान के जरिए 2024 के विधानसभा चुनाव में सकारात्मक माहौल के बावजूद मिली हार के कारणों की तह तक पहुंचना चाहता है, ताकि 2029 के चुनाव की रणनीति जमीनी हकीकत के आधार पर तैयार की जा सके।
पहले चरण में उत्तर हरियाणा, अब दक्षिणी बेल्ट पर फोकस
यह संवाद अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। पहले चरण में संजय दत्त पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल का दौरा कर वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले चुके हैं। अब दूसरे चरण में दक्षिण हरियाणा के पांच महत्वपूर्ण जिलों को शामिल किया गया है। पार्टी का लक्ष्य इसी तरह सभी 23 जिलों का दौरा कर प्रत्येक जिले की अलग-अलग राजनीतिक, संगठनात्मक और सामाजिक परिस्थितियों की रिपोर्ट तैयार करना है।
सूत्रों के अनुसार बैठकों का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा 2024 विधानसभा चुनाव का विश्लेषण रहेगा। कांग्रेस यह जानना चाहती है कि सत्ता विरोधी माहौल होने के बावजूद पार्टी सरकार बनाने से क्यों चूक गई। विधानसभावार यह समीक्षा होगी कि किन सीटों पर संगठन कमजोर रहा, कहां स्थानीय स्तर पर तालमेल की कमी रही, किन मुद्दों का चुनावी लाभ नहीं मिल सका और बूथ प्रबंधन में क्या कमियां रहीं। नेताओं के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं की राय भी दर्ज की जाएगी, ताकि रिपोर्ट केवल शीर्ष नेतृत्व के नजरिए तक सीमित न रहे।
बैठकों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे, भाजपा सरकार के खिलाफ जनभावना, स्थानीय जनसमस्याएं, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी राजनीतिक आंदोलनों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। पार्टी यह भी आकलन करेगी कि अगले तीन वर्षों में किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच लगातार अभियान चलाया जाए।
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर
पार्टी नेतृत्व जिला और विधानसभा स्तर पर संगठन की सक्रियता, बूथ नेटवर्क, गुटबाजी, स्थानीय नेतृत्व के समन्वय, युवा और महिला संगठनों की भागीदारी तथा चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा करेगा। माना जा रहा है कि इस अभियान के आधार पर आगे संगठन में बदलाव और चुनावी रणनीति से जुड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं।
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