हरियाणा सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपए की वृद्धि की
सरकार 1 अप्रैल से प्रदेश की 416 मंडियों में करेगी गेहूं की खरीद

सत्य खबर हरियाणा
Wheat Procurement : हरियाणा सरकार में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने का ऐलान किया है। साथ ही सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार की इस घोषणा का सत्ता पक्ष के लोगों ने स्वागत किया है जबकि विपक्ष के लोगों ने इसे ऊंट के मुंह में जीरे के समान बताया है।
एक बार फिर हरियाणा सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गेहूं का समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ा दिया है जिससे किसानों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ किसान सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य से काफी खुश है तो कुछ इसे कम बता रहे है।
किसानों का कहना है कि फसल पर लेबर बढ़ रही है और मार्च के महीने की शुरुआत में ही तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई है जिससे गेहूं की फसल की पैदावार में काफी कमी आएगी। उनका कहना है कि रात के समय तापमान में गिरावट आती है और दिन में तापमान काफी बढ़ जाता है जिसकी वजह से फसल में बीमारी की संभावना बनी रहती है। किसानों का कहना है कि बढ़ते तापमान से गेहूं की फ़सल में दाना पूरी तरह से ग्रोथ नहीं कर पाएगा और जहां प्रति एकड़ से 20 से 22 क्विंटल गेहूं की फसल होती थी, अब 12 से 15 क्विंटल के बीच रह सकती है।
वहीं कुछ किसानों का कहना है कि सरकार ने जो समर्थन मूल्य बढ़ाया है, वो ठीक है लेकिन जब तक फसल पककर बिक नहीं जाती तब तक चिंता सताती रहती है कि कुछ अनहोनी न हो जाए। आने वाले समय में बारिश की भी संभावना जताई जा रही है जिस पर किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा। अगर बारिश अभी पड़ती है तो लेकिन अगर एक हफ्ते बाद पड़ती है तो फिर नुकसान हो सकता है। अगर ओलावृष्टि हो जाती है तो फिर काफी नुकसान होगा।
हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद आगामी 1 अप्रैल से आरंभ होगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा गेहूं की खरीद सुचारु रूप से करने हेतु राज्य में 416 मंडियां खरीद केंद्र खोले गए हैं। राज्य की मंडियों खरीद केंद्रों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाऊसिंग कार्पोरेशन तथा खाद्य निगम द्वारा गेहूं की खरीद का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ करने हेतु वर्तमान में कार्यरत ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया गया है जिसके अंतर्गत कई नए प्रावधान किए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री के लिए ले जाने वाली गेहूं में प्रयोग किए जाने वाले वाहन पर आवक गेट की रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर किया जाएगा। वाहनों के बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आवक गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों खरीद केंद्रों को जियो फैंस किया गया है जिसके अंतर्गत खरीद प्रक्रिया के सभी चरण जैसे कि आवक गेट पास, बोली, आई-फार्म, इत्यादि मंडी खरीद केंद्र स्थल पर ही जारी होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसानों के हितों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसानों को अपनी उपज की बिक्री में राज्य सरकार किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देगी।