National Sports Policy 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार, 1 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय खेल नीति 2025 को मंजूरी दे दी। यह फैसला भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस नई नीति में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी समेत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत की भागीदारी को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई है।
नींव से लेकर ओलंपिक तक की सोच
नई खेल नीति का सबसे बड़ा फोकस खेलों को ग्रासरूट से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक मजबूत बनाना है। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने से लेकर उन्हें ट्रेनिंग और कोचिंग देने तक की संपूर्ण योजना है। इस नीति के तहत हर खिलाड़ी को मेडिकल, खेल विज्ञान, न्यूट्रिशन और तकनीकी सहायता दी जाएगी जिससे उनका प्रदर्शन निखर सके।
कोच और स्टाफ को मिलेगा प्रोफेशनल प्रशिक्षण
खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके साथ काम करने वाले कोच, टेक्निकल ऑफिशियल्स और सपोर्ट स्टाफ को भी प्रोफेशनल और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन मिलेगा और उनकी क्षमता का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। यह नीति केवल खिलाड़ियों के विकास तक सीमित नहीं है बल्कि खेल के पूरे इकोसिस्टम को सशक्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
खेल को बनाया जाएगा राष्ट्रीय आंदोलन
नई नीति का एक बड़ा उद्देश्य है खेलों को राष्ट्रीय आंदोलन बनाना। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को खेलों के प्रति उत्साहित किया जाएगा। हर विद्यार्थी को एक खेल से जोड़ने का लक्ष्य है ताकि फिटनेस और खेल दोनों को प्राथमिकता मिले। फिटनेस इंडेक्स की शुरुआत स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में की जाएगी ताकि हर नागरिक की शारीरिक सेहत पर नज़र रखी जा सके।
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की मेज़बानी भी एजेंडे में
भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की हॉस्टिंग हब बनाना भी इस नीति का अहम हिस्सा है। इसके तहत बड़े टूर्नामेंट्स को भारत में आयोजित किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को घरेलू माहौल में बड़ा मंच मिले और देश का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक स्तर पर मजबूत हो सके। इससे पर्यटन और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।