NIA टीम ने दी रोहतक में दस्तक, माओवादी मामले में फंडिंग की कर रही जांच
NIA टीम ने दी रोहतक में दस्तक, माओवादी मामले में फंडिंग की कर रही जांच

Satya Khabar,panchkula
NIA लखनऊ की एक पांच सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब छह बजे कमल कॉलोनी में पहुंची और किराये पर रह रहे फिजियोथेरेपिस्ट के मकान में जांच पड़ताल की। छह माह से NIA माओवादी गतिविधियों को लेकर जिले में जांच पड़ताल कर रही है। लाखनमाजरा के मकान मालिक के अलावा एक एमडीयू के एक छात्र नेता को भी जांच में शामिल कर चुकी है। फिजियोथेरेपिस्ट के मकान में जांच माओवादी दृष्टिकोण से है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सूत्रों के अनुसार, NIA की चार सदस्यीय टीम एक सप्ताह से रोहतक में ठहरी है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को रोहतक में माओवादी और नक्सली फंडिंग के तार जुड़े होने के सुराग मिले हैं। साल 2022 में NIA को नक्सली फंडिंग के मामले में कुछ जानकारी मिली थी। उस वक्त जांच एजेंसी को पता चला कि उत्तर प्रदेश के जनपदों में नक्सल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए संदिग्ध लोग युवाओं को भड़का रहे हैं। NIA ने शुरुआती तौर पर तथ्य जुटाए और इसी के आधार पर जनवरी 2023 में लखनऊ जोन में एक FIR दर्ज की। NIA प्रतिबंधित संगठन सीपीआइ (माओवादी) के लिए उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में नेटवर्क बनाकर फंडिंग के साथ ही युवाओं की फौज तैयार करने वालों की छानबीन भी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार NIA मंगलवार सुबह करीब छह बजे कमल कॉलोनी एक के मकान में पहुंची। मकान आर्मी के एक कैप्टन का है, जो ड्यूटी के चलते बाहर हैं। उक्त मकान को सोनीपत एक के व्यक्ति ने छह किराये पर ले रखा है। वह फिजियोथेरेपी का कार्य करता है। साथ ही घर में एक मशीन भी लगा रखी है। ज्यादातर खिलाड़ियों की थैरपी की जाती है।
इससे पहले NIA लखनऊ की टीम ने हिसार पुलिस मदद से छह माह पहले लाखनमाजरा में दबिश देकर छतीसगढ़ के गांव मांझीगुड़ा निवासी प्रियांशु कश्यप को गिरफ्तार किया था। प्रियांशु लाखनमाजरा में किराये पर मकान लेकर रहता था। एक सप्ताह पहले दोबारा लखनऊ की NIA की टीम दोबारा लाखनमाजरा पहुंची और मकान मालिक से पूछताछ की थी। इतना ही नहीं अभी एमडीयू के एक छात्र नेता को भी जांच में शामिल किया है।