पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की अमर कृति ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तिलक के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण और व्यक्तिगत जीवन दोनों के लिए समान रूप से प्रासंगिक हैं।
युवाओं के लिए अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में युवाओं से आग्रह किया कि वे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा लिखित ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि यदि युवा गीता को तिलक महाराज के दृष्टिकोण से समझेंगे, तो जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी और गलतियों से बचने में मदद मिलेगी।
‘तिलक की रचनाएं कभी पुरानी नहीं होंगी’
अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने अपनी पुस्तक में यह समझाया है कि एक सामान्य नागरिक, छात्र और युवा अपने दैनिक जीवन में भगवद्गीता के सिद्धांतों को कैसे अपना सकता है। उन्होंने कहा कि तिलक की रचनाएं कालजयी हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी। उनके विचार राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमेशा मार्गदर्शक बने रहेंगे।

स्वराज और राष्ट्रवाद की विरासत पर जोर
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेश उत्सव के माध्यम से समाज को एकजुट किया और स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उन्होंने तिलक के प्रसिद्ध नारे “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विचार ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और लोगों में स्वशासन का आत्मविश्वास जगाया।
अजीत डोभाल को मिला राष्ट्रीय सम्मान
समारोह के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक की निर्भीक राष्ट्रवादी सोच और अजीत डोभाल की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में समानता दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पहले की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावशाली बनी है।
प्रेरणा देने वाले सम्मान की परंपरा
गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार केवल सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को प्रेरित करने का माध्यम भी है। ऐसे पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र सेवा, सुरक्षा और समाज निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
अमित शाह का संदेश केवल एक पुस्तक पढ़ने की अपील नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी था। वहीं, अजीत डोभाल को मिला सम्मान इस बात का प्रतीक है कि देश राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सर्वोच्च सम्मान देने की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।