संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने उन्हें “अपरिपक्व”, “अंशकालिक” और “गैर-जिम्मेदार” नेता प्रतिपक्ष बताते हुए आरोप लगाया कि वह संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी मोदी सरकार के कामकाज की तुलना पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार से होने से बचना चाहते हैं।
राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ विवाद
राहुल गांधी ने मंगलवार को पूर्व सांसद वाइको की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में कहा था कि देश के छात्र गहरी पीड़ा में हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी नहीं, बल्कि सरकार की कार्रवाई पर जवाबदेही चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश के इतिहास को अपने दृष्टिकोण से लिखने की कोशिश कर रहा है और भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा।
गौरव भाटिया का पलटवार
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह संसद में सार्थक चर्चा से बच रहे हैं। उनका आरोप था कि जब मोदी सरकार और 2004 से 2014 तक की यूपीए सरकार के कामकाज की तुलना होगी तो कांग्रेस की नीतियां और प्रदर्शन उजागर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसी वजह से संसद में बार-बार व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है।

RSS और पेपर लीक के मुद्दे पर भी घेरा
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर बिना सबूत RSS की विचारधारा को “जहरीली” बताने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष शासित राज्यों में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर चुप रहते हैं। उन्होंने झारखंड, कर्नाटक और केरल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
संसद और भगोड़ों की वापसी का भी किया जिक्र
भाटिया ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी संसद में तथ्यों के साथ होने वाली बहस का जवाब नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया, जबकि यूपीए सरकार के दौरान औसतन हर वर्ष केवल चार भगोड़ों की ही वापसी हो सकी। उन्होंने इसे दोनों सरकारों के कामकाज का बड़ा अंतर बताया।
अनुच्छेद 370 पर भी रखा पक्ष
बीजेपी प्रवक्ता ने अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने की वर्षगांठ को “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की एकता और अखंडता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
राहुल गांधी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस को और तेज कर रहा है। जहां बीजेपी राहुल गांधी के बयानों को आधार बनाकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं कांग्रेस लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रही है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और इन राजनीतिक विवादों की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।