पटना में आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत से कुछ उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं हैं। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, फिर भी पहले से तय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से नरमी
छात्र नेताओं के मुताबिक, सरकार और अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। सरकार की ओर से छात्रों की कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया। नेताओं का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच जो दूरी बनी थी, वह अब काफी हद तक कम हुई है।
इसके बावजूद छात्रों ने साफ किया कि आश्वासन मिलने मात्र से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
मुख्यमंत्री आवास घेराव पर कायम छात्र
बैठक के बाद छात्र संगठनों ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम पहले से तय है और इसे वापस नहीं लिया गया है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए यह कदम उठाएंगे।
इस फैसले ने पटना में प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की चुनौती बढ़ा दी है।

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— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) August 24, 2026
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70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी छात्र पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करना शामिल है। इसके अलावा डोमिसाइल नीति, उम्र सीमा में छूट और BPSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी उठाई जा रही है।
छात्र सरकारी भर्तियों में आयु सीमा बढ़ाने की मांग पर भी जोर दे रहे हैं।
TRE-4 और परीक्षा पैटर्न पर भी विवाद
छात्र संगठनों की एक बड़ी मांग TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर है। वे एक ही परीक्षा कराने और PT-मains की व्यवस्था हटाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही नकारात्मक अंक प्रणाली खत्म करने की मांग भी उठाई गई है।
हालांकि, आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि TRE-4 में PT और mains की व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा और negative marking भी जारी रहेगी।
BPSC परीक्षा नियंत्रक के निलंबन से बढ़ा विवाद
छात्रों के आंदोलन के बीच BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार को निलंबित किया गया। छात्रों के प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने के दौरान उनके कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ी। बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी, लेकिन विवाद के बीच उन्हें निलंबित कर दिया गया।
अब आगे क्या?
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से टकराव कम होने की उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन मुख्यमंत्री आवास घेराव के फैसले से साफ है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ। अब सरकार के आश्वासन कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और छात्र आगे क्या रणनीति अपनाते हैं, यही पटना के इस आंदोलन की दिशा तय करेगा।