दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित संसद मार्च हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद लाठीचार्ज, आंसू गैस और कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आईं। अब पूरे घटनाक्रम की जांच कई स्तरों पर की जा रही है।
संसद मार्च के दौरान कैसे बढ़ा विवाद?
सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस घटनाक्रम में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पुलिस और सुरक्षा बलों के कई जवान भी घायल हुए। पुलिस ने हिंसा के संबंध में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किन पहलुओं की जांच कर रही है दिल्ली पुलिस?
दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं कि सबसे पहले बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत किसने की, क्या प्रदर्शन में बाहरी तत्वों की भूमिका थी, और क्या किसी ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच, CCTV, ड्रोन और पुलिस बॉडी कैमरा फुटेज का विश्लेषण भी किया जा रहा है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
प्रदर्शन की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई तथा NEET से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजे की मांग शामिल थी। इन मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
आगे की कार्रवाई पर नजर
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी व्यक्ति या संगठन की हिंसा भड़काने में भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा ने कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि हिंसा कैसे शुरू हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।