NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी है। इस बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत की कोशिशें फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही हैं। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों और रुख पर कायम हैं, जिससे गतिरोध और गहरा गया है।
सरकार और CJP के बीच बातचीत फिर ठप
सरकारी सूत्रों के अनुसार, CJP नेतृत्व को बातचीत आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन पार्टी ने उसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया एक बार फिर रुक गई। इससे पहले 20 जुलाई को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं।
प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार को तीन प्रमुख मांगें माननी होंगी। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरी, पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा। तीसरी, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज अनावश्यक FIR वापस ली जाएं और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न करने की गारंटी दी जाए।

‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं’
सौरव दास ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है। उनके अनुसार, जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
पीएम मोदी ने किया फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने तथा मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आंदोलन और सरकार के बीच बनी हुई है दूरी
एक ओर सरकार पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय के लिए नए कदम उठाने की बात कर रही है, वहीं प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। ऐसे में फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।
NEET पेपर लीक विवाद पर सरकार और CJP के बीच गतिरोध अभी समाप्त होता नहीं दिख रहा। सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे उपायों पर जोर दे रही है, जबकि प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत अपनी मांगों पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।