बैंक घोटाले में सीबीआई ने चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच स्थानों पर की छापेमारी, काफी रिकॉर्ड बरामद

Satyakhabarindia

जांच एजेंसी ने आईएएस अधिकारी मोहम्मद साइन के विदेश दौरों का सरकार से मांगा रिकॉर्ड

सत्य खबर हरियाणा

Bank Scam Investigation by CBI : हरियाणा के बहुचर्चित 504 करोड़ रुप के बैंक फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच की रफ्तार को तेज कर दिया है। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े वरिष्ठ IAS अधिकारी मोहम्मद शाइन की वर्ष 2011 से अब तक की विदेश यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड हरियाणा सरकार से मांगा है। वहीं दूसरी ओर गुरुवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। CBI की कार्रवाई नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के IDFC फर्स्ट बैंक खातों से सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े मामले में की गई।

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सीबीआई के एक प्रवक्ता ने आज गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि पांच स्थानों पर तलाशी ली गई। इनमें संदिग्ध लाभार्थियों के आवासीय परिसर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। ये लाभार्थी नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) से संबंधित धोखाधड़ी वाली धनराशि से जुड़े हैं। सीएससीएल के सरकारी कर्मचारी अनुभव मिश्रा और जांच से जुड़ी निजी संस्थाओं के ठिकानों पर भी तलाशी हुई। इन तलाशी अभियानों के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और वस्तुएं बरामद की गईं। इनमें स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल हस्ताक्षर, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। सीबीआई ने हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से इस जांच को अपने हाथ में लिया था। यह कार्रवाई राज्य सरकार के अनुरोध पर की गई थी।

क्या था यह पूरा घोटाला?

यह धोखाधड़ी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-32 शाखा में हुई थी। आरोप है कि सरकारी धनराशि को जाली या अस्तित्वहीन सावधि जमाओं के माध्यम से निकाल लिया गया। धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन का भी इस्तेमाल किया गया। बाद में इस धनराशि को शेल संस्थाओं के माध्यम से आगे भेजा गया। इस तरह सरकारी धन का बड़े पैमाने पर गबन किया गया।

सूत्रों के अनुसार CBI ने हरियाणा सरकार से IAS अधिकारी मोहम्मद शाइन की 2011 से अब तक की सभी विदेश यात्राओं का ब्योरा मांगा है। एजेंसी यह जानना चाहती है कि इन यात्राओं के दौरान उनका उद्देश्य क्या था, किसकी अनुमति से विदेश गए और यात्रा का खर्च किसने वहन किया। हालांकि, CBI ने अभी तक उन्हें मामले में आरोपी नहीं बनाया है और जांच जारी है।

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सीबीआई के अनुसार, तलाशी के दौरान डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जांच से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं। जब्त रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इससे अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने में मदद मिलेगी।

17 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट

एजेंसी अब तक मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

 

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