पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि केवल त्वरित सुनवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के साथ जवाबदेही तय करना जरूरी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पर CJP की प्रतिक्रिया
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनके अनुसार, यह कदम मूल समस्या से ध्यान हटाने की कोशिश जैसा है और परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर किए बिना ऐसे मामले रुकना मुश्किल है।
शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
आशुतोष रंका ने कहा कि पार्टी की राय में पेपर लीक की घटनाओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान असफल रहे हैं। पार्टी ने दोहराया कि उसकी प्राथमिक मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है।

अभिजीत दीपके ने भी उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि सरकार छात्रों और युवाओं की मांगों के बजाय शिक्षा मंत्री का बचाव क्यों कर रही है। उन्होंने अपने पोस्ट में शिक्षा मंत्री को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।
CJP ने दोहराईं अपनी चार प्रमुख मांगें
पार्टी ने कहा कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और कथित ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार और CJP के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आ गए हैं। एक ओर केंद्र सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए त्वरित न्याय की बात कर रही है, वहीं CJP परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग पर अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रही है।