एथनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल के खिलाफ चल रहा विरोध अब एक बड़े जन अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। E20 जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय यह अभियान E20 ईंधन नीति में बदलाव, E0 पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने और ईंधन कीमतों में पारदर्शिता जैसी मांगों को लेकर संसद मार्च की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इस अभियान का कोई औपचारिक राजनीतिक दल या आधिकारिक संस्थापक अब तक सामने नहीं आया है।
E20 जनता पार्टी ने संसद मार्च का किया ऐलान
E20 जनता पार्टी ने E20 ईंधन नीति के विरोध में संसद तक मार्च करने की घोषणा की है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि मौजूदा एथनॉल ब्लेंडिंग नीति में कई कमियां हैं। उनका दावा है कि नीति में सुधार होने पर पेट्रोल की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति लीटर तक लाई जा सकती है और किसानों को भी अधिक लाभ मिल सकता है। यह अभियान से जुड़े लोगों का दावा है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों का भी मिला समर्थन
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी 4 अगस्त को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करने की घोषणा की है। एसोसिएशन का आरोप है कि E20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों का माइलेज घट रहा है और परिचालन लागत बढ़ रही है। यह एसोसिएशन का दावा है।

E0 पेट्रोल का विकल्प देने की मांग
अभियान की प्रमुख मांग है कि देशभर में उपभोक्ताओं को E0, E20 और E85 जैसे ईंधन विकल्प उपलब्ध कराए जाएं ताकि लोग अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें। समर्थकों का कहना है कि किसी एक प्रकार के ईंधन को अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय उपभोक्ताओं को विकल्प मिलने चाहिए और अलग-अलग ईंधनों की कीमतों में स्पष्ट अंतर होना चाहिए।
गांधीवादी तरीके से आंदोलन की तैयारी
अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को इंडिया गेट से संसद तक गांधीवादी तरीके से मार्च निकालने की योजना है। इसमें E10 और E0 जैसे विकल्प उपलब्ध कराने, E20 को 20 प्रतिशत सस्ता करने और शुद्ध पेट्रोल की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति लीटर रखने जैसी मांगें उठाई जाएंगी। यह जानकारी अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा अभियान
E20 जनता पार्टी का कोई आधिकारिक संगठन या पंजीकृत राजनीतिक ढांचा अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। फिलहाल इसे नागरिकों द्वारा चलाया जा रहा एक डिजिटल अभियान माना जा रहा है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इसे तेजी से समर्थन मिल रहा है। अभियान से जुड़े अकाउंट्स के फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है और समर्थक E20 नीति पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
E20 पेट्रोल को लेकर शुरू हुआ विरोध अब व्यापक जन अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर अभियान से जुड़े लोग ईंधन नीति में बदलाव और उपभोक्ताओं को विकल्प देने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित नीति समीक्षा पर सभी की नजर बनी हुई है। आंदोलन से जुड़े कई दावे अभी संबंधित पक्षों के दृष्टिकोण हैं और इन पर सार्वजनिक बहस जारी है।