ईरान-इजराइल युद्ध के बीच 880 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी की बड़ी खबर

पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण दुनियाभर के कई देशों में हजारों लोग फंसे हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और छात्र भी शामिल हैं। हालाँकि भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है। इन प्रयासों के तहत गुरुवार को 880 भारतीय नागरिकों को वतन लौटाया गया, जो सीधे ईरान से नहीं बल्कि आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाले गए। यह मार्ग इसलिए चुना गया क्योंकि कई देशों ने अपने एयरस्पेस को युद्ध के कारण बंद कर रखा है।
गुरुवार को 880 भारतीय सुरक्षित लौटे
विदेश मंत्रालय के अनुसार गुरुवार को लौटने वाले 880 भारतीयों में 772 लोग आर्मेनिया के रास्ते आए जबकि 110 लोग अजरबैजान के मार्ग से वापस भारत पहुंचे। इनमें 284 तीर्थयात्री भी शामिल थे, जो अपने धार्मिक आयोजन से लौट रहे थे। मंत्रालय ने बताया कि इन लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं और शेष लोग भी सरकार की मदद से धीरे-धीरे अपने वतन लौटेंगे।

सरकार ने उठाए कई सुरक्षा और राहत कदम
विदेश मंत्रालय ने युद्ध प्रभावित देशों में फंसे हुए नागरिकों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम बनाया है। भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहा है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। मंत्रालय ने लोगों को सीमा पार करने से पहले अपने नजदीकी दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी है। इसके अलावा, यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है ताकि नागरिक सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।
ईरान में अभी भी करीब 9000 भारतीय फंसे हुए
हालाँकि अब तक बड़ी संख्या में भारतीय अपने वतन लौट चुके हैं, लेकिन ईरान में अभी भी लगभग 9000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। सरकार उनकी सुरक्षा और वतन वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित निकालने में समय लग सकता है, लेकिन हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। भारतीय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है, और सरकार सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित लौटाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।