Haryana News: रोहतक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना घटी जब 35 वर्षीय पिंकी को एक रिटायर्ड फौजी वजीर सिंह ने गोली मार दी। पिंकी जुलाना की रहने वाली थी और हिसार बाइपास की एक कंपनी में काम करती थी। घटना के समय वह ट्रेन का इंतज़ार कर रही थी। तभी वजीर सिंह नामक व्यक्ति, जो शराब के नशे में था, वहां पहुंचा और यात्रियों से बोला कि हट जाओ मैं गोली चलाने वाला हूं। इसके बाद उसने पिंकी की कमर में पीछे से गोली मार दी जिससे वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ी। मौके पर भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
पैसों के लेन-देन को बताया हत्या की वजह
पिंकी के पति रममेहर ने बताया कि वजीर पिछले तीन-चार साल से उनके घर आना-जाना करता था। दोनों एक ही तरफ के गांव के रहने वाले थे और अकसर ट्रेन में साथ सफर करते थे। काफी समय पहले वजीर को उनके दो बेटों की नौकरी के नाम पर करीब 12 लाख रुपये दिए गए थे। लेकिन जब पैसों की वापसी मांगी गई तो वजीर ने दो महीने पहले गोली मारने की धमकी दी थी। उस समय मामला बातचीत से सुलझा दिया गया था, लेकिन अब वही दुश्मनी जानलेवा बन गई। रममेहर का दावा है कि पैसों की लेन-देन की रंजिश में ही वजीर ने उनकी पत्नी की हत्या कर दी।

आरोपी को भागते समय किया गया गिरफ्तार
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वजीर सिंह कुरुक्षेत्र की ओर जाने वाली ट्रेन में चढ़कर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तत्परता दिखाते हुए उसे ट्रेन से पकड़ लिया और जीआरपी के हवाले कर दिया। जीआरपी स्टेशन इंचार्ज जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि वजीर सिंह नशे की हालत में था और फिलहाल हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है। पिंकी और वजीर एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों हिसार बाइपास की कंपनियों में काम करते थे। पूरे मामले की जांच चल रही है ताकि हकीकत सामने आ सके।
बेटे ने मौके पर देखा मां को खून में लथपथ
पिंकी का बेटा लक्ष्य भी उसी समय रेलवे स्टेशन पर मौजूद था। वह रोहतक में कपड़े खरीदने आया था और अपने घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचा था। तभी उसे जानकारी मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर गोली चली है। जब वह वहां पहुंचा तो देखा कि उसकी मां खून से लथपथ पड़ी है और आरोपी वजीर वहीं खड़ा है। चूंकि स्टेशन पर एंबुलेंस को आने की जगह नहीं थी इसलिए पुलिस ने पिंकी को हाथों में उठाकर रेलवे ट्रैक पार कराया और प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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