Haryana Politics: कृष्ण बेदी ने भूपेंद्र-बीरेंद्र को बताया एक्सपायरी दवा, बोले, एक्सपायरी दवा से इलाज नहीं होता

Haryana Politics: कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और बीरेंद्र सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि एक्सपायरी दवा से इलाज नहीं होता। यह बात उनके भरोसेमंद आदमी ने ही कही थी। कांग्रेस में ना कोई नेता है, ना कोई नीति है, ना कोई काम। अगले 4 साल उनकी कोई जरूरत नहीं है। वह आज जींद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कृष्ण बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जापान दौरे से लौटे हैं, जहां खरखोदा में एक बड़े औद्योगिक प्लांट की स्थापना पर सहमति बनी है। इससे हरियाणा की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा और बेरोजगारी में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास और युवाओं के रोजगार को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने हर वायदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ी है।
पत्रकारों से बातचीत में हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार (52) की आत्महत्या के मामले में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि यह मामला चंडीगढ़ पुलिस का है। जो कार्रवाई होगी, वह चंडीगढ़ पुलिस ही करेगी। हरियाणा का इसमें कोई बड़ा रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि वाई. पूरन कुमार ने आत्महत्या क्यों की? इसके पीछे क्या मजबूरियां थीं? क्या कारण थे? यह अभी कहना मुश्किल है। IPS पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से बरामद 9 पेज के सुसाइड नोट में हरियाणा पुलिस के 9 वर्तमान IPS अधिकारियों, 1 रिटायर्ड IPS और 3 रिटायर्ड IAS अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें DGP शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया का नाम भी है।

साथ में सुसाइड नोट में 2020 से चली आ रही घटनाओं, जैसे मंदिर दर्शन पर आपत्ति, पिता की मृत्यु से पहले छुट्टी न मिलना, फर्जी पोस्टिंग और हाल ही में उनके स्टाफ सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी एफआईआर (6 अक्टूबर) का उल्लेख है। बता दें पूरन कुमार हाल ही में 25 सितंबर को रोहतक रेंज के एडीजीपी से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, सुनरिया (रोहतक) के आईजी के पद पर स्थानांतरित हुए थे और उस समय छुट्टी पर थे।
कृष्ण बेदी ने सुसाइड नोट में कास्ट से जुड़े आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुसाइड नोट में कास्ट को लेकर जो बातें लिखी गई हैं, वे हमें या आपको कैसे पता? ये सुनी-सुनाई बातें हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। इसलिए बड़ी टिप्पणी करना उचित नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सीएम नायब सैनी ने परिवार की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 2-3 घंटों में ही 13 अधिकारियों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस द्वारा FIR दर्ज करवा दी। केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) टीम जांच में जुटी है और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।