प्रदेश में अब कोचिंग सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चल सकेंगे
सत्य खबर हरियाणा
Haryana Cabinet meeting : हरियाणा मंत्रिमंडल ने विश्व बैंक के सहयोग से 5,714.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को मंजूरी प्रदान की है। यह जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आज कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत 15 प्राथमिक सिंचाई क्लस्टरों में लगभग 48.94 लाख एकड़ भूमि को कवर किया जाएगा, जिससे लगभग 45 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। नहर आधुनिकीकरण के तहत 104 नहर चैनलों का नवीनीकरण किया जाएगा। 248 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 131 नई जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रिटेड वेस्ट वाटर के पुन: उपयोग की भी योजना है, जिस पर लगभग 282.13 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। लगभग 900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 620 जलमार्गों के सुधार का कार्य किया जाएगा। लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 120 नहर-आधारित माइक्रो-इरिगेशन परियोजनाएं भी इस कार्यक्रम में शामिल की गई हैं। वर्टिकल ड्रेनेज/सब-सर्फेस ड्रेनेज के माध्यम से लगभग 2 लाख एकड़ जलभराव वाली भूमि को सुधारने की योजना है। इसके साथ ही, लगभग 5 लाख एकड़ क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत लगभग 1.12 लाख एकड़ क्षेत्र में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने महिलाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022 में व्यापक पूरक प्रावधानों को मंजूरी दी है। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को एक वर्ष तक लीज किराये पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये होगी। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को 7 वर्ष तक नेट एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। सामान्य स्टार्टअप को 7 वर्ष तक एसजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग/ट्रांसफर के लिए 10 लाख रुपये तक सहायता देने का प्रावधान किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, पर्यावरण अनुकूल ग्रामीण उत्पाद, आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य उत्पाद और स्वदेशी खाद्य उत्पादों से जुड़े महिला स्टार्टअप को 50 हजार से 1 लाख रुपये तक सूक्ष्म अनुदान मिलेगा। देश में आयोजित होने वाले इवेंट और प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए सामान्य स्टार्टअप को 5 लाख रुपये वार्षिक तथा महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को 7 लाख रुपये वार्षिक तक की सहायता दी जाएगी। गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले स्टार्टअप को लागत की 50 प्रतिशत एकमुश्त प्रतिपूर्ति की जाएगी। जिसकी अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल स्तर पर नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों को 10,000 ‘डू-इट-योरसेल्फ’ किट वितरित की जाएंगी। हरियाणा में विश्वस्तरीय ‘एच-हब’ इन्क्यूबेटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्टार्टअप, कॉरपोरेट और शिक्षण संस्थानों का सहयोग होगा। सरकारी खरीद में हरियाणा के पात्र स्टार्टअप के लिए विभागीय वार्षिक खरीद का 10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया जाएगा। हरियाणा में कार्यरत कॉरपोरेट कंपनियों को स्थानीय स्टार्टअप के साथ पायलट परियोजनाएं शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक मैचिंग ग्रांट दी जाएगी। निजी निवेश बढ़ाने के लिए सीड-फंड मैचिंग प्रावधान के तहत प्रत्येक 25 लाख रुपये के निजी/एंजल निवेश पर 25 लाख रुपये तक सह-निवेश या मैचिंग ग्रांट दी जाएगी। स्टार्टअप में अप्रेंटिसशिप के लिए प्रोत्साहन देने के लिए स्टार्टअप को प्रति अप्रेंटिस प्रति माह 7,500 रुपये तक के वजीफे की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह सुविधा प्रति इकाई अधिकतम 50 अप्रेंटिस प्रति वर्ष तक सीमित होगी।
उन्होंने बताया कि क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज खर्च पर अब 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये सालाना, पांच वर्ष तक होगी। चंडीगढ़ में पंजीकृत कार्यालय वाले स्टार्टअप को भी श्रेणी-2 स्टार्टअप माना जाएगा, जिससे वे हरियाणा स्टार्टअप नीति के लाभों के पात्र होंगे।
मंत्रिमंडल ने ‘हरियाणा प्राइवेट कोचिंग संस्थान, रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन नियम, 2026’ को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों को रोकना नहीं, बल्कि उन्हें रेगुलेट करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा करना है। नए नियमों के तहत अब सभी मौजूदा और नए स्थापित होने वाले प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। संस्थानों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, फायर सेफ्टी और मेडिकल फर्स्ट-एड जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। कोचिंग संस्थानों को अपने संस्थान, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करानी होगी।
हरियाणा मंत्रिमंडल ने नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब डॉक्टर अपने रिहायशी प्लॉट के साथ-साथ लीज पर लिए गए रिहायशी प्लॉट पर भी नर्सिंग होम स्थापित कर सकेंगे। यह सुविधा उन एलोपैथिक और आयुष डॉक्टरों के लिए होगी, जो संबंधित मेडिकल/आयुष काउंसिल में पंजीकृत, वर्तमान में प्रैक्टिसरत तथा स्थानीय IMA शाखा में पंजीकृत हैं। नर्सिंग होम स्थापित करने के लिए नर्सिंग होम में मरीजों के दाखिले और इनडोर उपचार की सुविधा के लिए निर्धारित कन्वर्जन शुल्क देना होगा।लीज वाले प्लॉट पर नर्सिंग होम स्थापित करने के लिए दी गई अनुमति लीज की अवधि तक ही मान्य रहेगी। संशोधन से रिहायशी कॉलोनियों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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