गाजीपुर में फर्जी इनकम टैक्स गैंग का पर्दाफाश व्यापारियों ने मिलकर साजिश नाकाम की

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में इनकम टैक्स विभाग के नाम पर व्यापारियों से अवैध वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। Ghazipur district के शादियाबाद बाजार में इस गिरोह ने खुद को आयकर अधिकारी बताकर दुकानों पर फर्जी छापेमारी की और कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलने की कोशिश की। हालांकि व्यापारियों की सतर्कता और एकजुटता के चलते इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारी समुदाय में आक्रोश देखने को मिला।
व्यापारियों की सूझबूझ से तीन आरोपी पकड़े गए
शादियाबाद बाजार में जब संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली तो उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष इकरामुल हक ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कथित अधिकारियों से बातचीत की, जिसके बाद उनके व्यवहार और कार्यशैली पर शक गहराया। इसके बाद व्यापारियों ने एकजुट होकर गिरोह के सदस्यों को घेर लिया। इस दौरान तीन आरोपियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि गिरोह का मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी लग्जरी वाहन में आए थे और खुद को उच्च अधिकारी बताकर दबाव बना रहे थे।

गिरोह में महिला सहित कई लोग शामिल होने का शक
पुलिस और शुरुआती जांच के अनुसार इस गिरोह में एक महिला सहित करीब आठ लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। आरोप है कि ये लोग लंबे समय से शादियाबाद और सैदपुर क्षेत्रों में सक्रिय थे और व्यापारियों को निशाना बना रहे थे। वे खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर दुकानों पर छापेमारी का नाटक करते और फिर कार्रवाई से बचाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार मुख्य आरोपी की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।
मुख्य आरोपी की तलाश तेज और पूरे नेटवर्क की जांच जारी
फरार मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि वह सादात थाना क्षेत्र का निवासी है और खुद को चीफ कमिश्नर बताकर व्यापारियों को डराता था। Ghazipur Police लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। व्यापारियों ने शादियाबाद थाने में नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और उनके अन्य साथियों की पहचान करने में जुटी हुई है ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।