नेपाल में बाढ़ से अब तक 469 की मौत, 1545 लापता, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के लापता लोगों की तलाश जारी

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तबाही का आकलन करने नुवाकोट पहुंची यूनिसेफ की टीम

सत्य खबर राष्ट्रीय

Nepal Flood : नेपाल के रसुवा जिले में आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई, वहीं, 1,545 लोग घायल हुए और उन्हें बचाया गया। चितवन जिले में सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जहां 178 शव बरामद किए गए। इसके बाद एनपी ईस्ट में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, धाडिंग में 33, तनहुन में 28, एनपी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 मौतें दर्ज की गईं। अधिकारियों ने रसुवा से 644, नुवाकोट से 898 और धाडिंग से तीन लोगों को बचाया है।

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विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद अमेरिका और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नेपाल को समर्थन दिया है और एकजुटता व्यक्त की है। वाशिंगटन ने 500,000 अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है और डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी है। अमेरिकी विदेश मामलों की उप सचिव एलिसन एम. हूकर ने कहा कि उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनाल से चल रहे खोज और बचाव प्रयासों के बारे में बात की, जिसमें लापता अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास भी शामिल हैं।

वहीं, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के नेपाल कार्यालय ने स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर आपूर्ति में सहयोग के लिए दवाओं और बहुउद्देशीय टेंट सहित आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति जुटाकर भेजी है।

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नेपाल के भोटे कोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में ऊंची चोटियों से उतरी आपदा अपने पीछे भयावह तबाही और बर्बादी का मंजर छोड़ गई है। त्रिशूली बाजार और उसके आसपास लगभग 60 घर बह गए हैं, जबकि त्रिशूली नदी पर बने दो मोटर योग्य पुल भी बह गए। पास के देवीघाट क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से परिवहन ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। इसके तहत 35 मोटर योग्य पुल, 45 सस्पेंशन ब्रिज और लगभग 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई स्थानों पर वाहन बह गए या मलबे के नीचे दब गए।

चीन और नेपाल की सीमा से लगे क्षेत्र में आई भीषण अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 1400 से अधिक लोग लापता हैं।प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो ट्रेकिंग, गाइडेड टूर या पवित्र हिंदू तीर्थस्थल की यात्रा के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 910 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 सुरक्षाकर्मी तथा रसुवा जिले के 161 स्थानीय निवासी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर रिपोर्टिंग और बचाव कार्यों के बीच समन्वय की कमी के कारण हो सकता है।

तेलंगाना सरकार राज्य के उन 22 लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनके बारे में नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद से कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। 26 अगस्त को नई दिल्ली के तेलंगाना भवन में शुरू की गई हेल्पलाइन पर अब तक परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों से जानकारी और मदद के लिए 80-100 कॉल आ चुके हैं। मिली जानकारी की शुरुआती जांच और पुष्टि के बाद, आगे की कार्रवाई और तालमेल के लिए 23 लोगों से जुड़े 20 मामलों की पहचान की गई है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इन 23 लोगों में से छह तेलंगाना के हैं और 17 तेलंगाना मूल के एनआरआई हैं।

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भारत के लोग बड़ी संख्या में लापता हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के लापता लोगों की तलाश जारी है। भारतीय वायुसेना (IAF) का विमान राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा नेपाल से लगती है, ऐसे में संवेदनशील इलाकों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है।

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