‘क्या आपने अपने मुंह को सिलाई करवा दी है, जो कुछ भी नहीं बोल रहे हैं’
अशोका यूनिवर्सिटी से ट्रांसजेंडर युवती के लापता होने पर भड़की महिला अध्यक्ष

सत्य खबर हरियाणा
Ashoka University Dispute : हरियाणा राज्य महिला आयोग ने रोहतक और सोनीपत पुलिस को निर्देश दिया है कि वे उस ‘लापता’ ट्रांसजेंडर युवती को पेश करें, जिसके शिक्षाविद माता-पिता ने आरोप लगाया है कि अशोका यूनिवर्सिटी ने उसका ‘ब्रेनवॉश’ किया। वह 2023 तक इस यूनिवर्सिटी की छात्रा थी। सुनवाई के दौरान सुनील शर्मा आयोग के समक्ष उपस्थित तो हुए, लेकिन उन्होंने पूरे मामले पर चुप्पी साधे रखी। उनकी इस चुप्पी पर आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “क्या आपने अपने मुंह को सिलाई करवा दी है, जो कुछ भी नहीं बोल रहे हैं?”
व्यथित माता-पिता ने कहा कि वे दो साल से अधिक समय से अपनी बेटी से नहीं मिले हैं। मां ने इस संवाददाता को अपनी बेटी की बचपन की तस्वीरें दिखाईं, जिसमें वह अपने छोटे भाई-बहन के साथ है। पिता ने कहा, ‘मेरा बच्ची बहुत होनहार थी। बारहवीं में उसके 96 प्रतिशत नंबर आये थे। हमने अशोका यूनिवर्सिटी में उसकी पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन उसे हमसे छीन लिया गया।’ कथित रूप से लापता इस ट्रांसजेंडर युवती की कहानी 24 अक्तूबर, 2023 से शुरू होती है, जब वह घर से गायब हो गई। परिवार ने एफआईआर दर्ज कराई। परिवार का दावा है कि कॉल डिटेल के आधार पर बेटी की आखिरी लोकेशन विश्वविद्यालय से जुड़ी एक महिला कर्मचारी के पास मिली थी, लेकिन इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
सुनवाई के दौरान पिता ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के शिक्षक ‘छात्रों को ट्रांसजेंडर बनने के लिए उकसा रहे हैं’ और इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अशोका यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर और ट्रांस-अधिकार कार्यकर्ता बिट्टू कावेरी पर आरोप लगाया। सुनवाई मीडिया की मौजूदगी में हुई। जब कावेरी ने मीडिया की उपस्थिति पर आपत्ति जताई, तो महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा, ‘यह गंभीर मामला है। जो लड़कियां गायब हो जाती हैं, वे कहां जाती हैं? कौन उनका इस्तेमाल कर रहा है? विश्वविद्यालय में कितने छात्रों ने जेंडर बदला है?’ परिवार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि उनकी बेटी का नाम बिना उनकी जानकारी के बदलकर मुस्लिम समाज से संबंधित “सोयजा” रख दिया गया और उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी इसी नाम से तैयार किए गए। इतना ही नहीं, कोर्ट में भी उसे अलग पहचान के साथ पेश किए जाने की बात कही गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, जबकि परिवार अपनी बेटी की सकुशल वापसी की मांग कर रहा है। यह मामला अब प्रदेश में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
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