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बंगाल में SIR: ममता बनर्जी की मंत्री शशि पांजा को नोटिस, EC ने सुनवाई के लिए आज किया तलब

Satyakhabarindia

 

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया विवादों में है. चुनाव आयोग ने मंत्री शशि पांजा को सुनवाई के लिए बुलाया, जिनका नाम 2002 की सूची में है पर ऐप में नहीं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर मतदाताओं को परेशान करने और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ गई है.

पश्चिम बंगाल में ममता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तहत सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है. चुनाव आयोग ने सुनवाई की प्रक्रिया के तहत अब पश्चिम बंगाल की महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा को नोटिस भेजा है. चुनाव आयोग ने मंत्री को SIR हियरिंग के लिए बुलाया है. मंत्री रविवार दोपहर को केशव अकादमी में हियरिंग में शामिल होंगी.

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आरोप है कि SIR 2002 की लिस्ट में नाम होने के बावजूद उन्हें बुलाया गया है और इस घटना के सामने आते ही सनसनी फैल गई है. इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता अर्मत्य सेन, प्रसिद्ध क्रिकेटर मोहम्मद शमी और टीएमसी सांसद और अभिनेता देव को हियरिंग के लिए नोटिस भेजा गया था. अब की मंत्री शशि पांजा को हियरिंग के लिए बुलाया गया है.

मंत्री शशि पांजा लंबे समय से राजनीति में हैं. वह एक पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव भी हैं. कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, उनका नाम 2002 की लिस्ट में है, लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम नहीं है. बताया जा रहा है कि इसका कारण BLO ऐप में टेक्निकल गड़बड़ी के कारण शशि पांजा का नाम नहीं है. वह रविवार दोपहर 2 बजे तक वहां जाएंगी.

2002 की लिस्ट में नाम रहने के बावजूद तलब
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मेरा नाम 2002 की लिस्ट में है, लेकिन, इलेक्शन कमीशन SIR प्रोसेस में जल्दबाजी कर रहा है. इसलिए ऐप में बहुत सारी गड़बड़ियां हैं. इस वजह से पता चला कि मेरा नाम 2002 की लिस्ट में है लेकिन ऐप में नहीं है. उन्हें लगा होगा कि वे मेरे लिए अलग से सुनवाई करेंगे.”

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उन्होंने कहा किलेकिन मैंने खुद कहा कि मैं वैसे ही काम करूंगी जैसे दूसरे आम लोग लाइन में लगकर सुनवाई में जाते हैं और अपना काम पूरा करते हैं. लॉजिकल गड़बड़ियों की वजह से बहुत परेशानी होती है. इसके लिए कमीशन जिम्मेदार है.

दूसरी ओर, इस बारे में बीजेपी नेता सजल घोष ने कहा, “उन्हें कोर्ट जाना चाहिए था. वे यह दिखाकर कोर्ट जा सकती थीं कि उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में है लेकिन ऐप में नहीं है. मैं उनके इस कहने का सपोर्ट करता हूं कि वह लाइन में लगेंगी, लेकिन, अगर उनके साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ है, तो उन्हें कमीशन के पास जाना चाहिए था.”

SIR में लोगों को परेशान करने का आरोप
बता दें कि पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और तृणमूल कांग्रेस ने मतदाताओं को परेशान करने का आरोप चुनाव आयोग पर लगाया है. इस बाबत ममता बनर्जी कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कु्मार को पत्र लिख चुकी हैं.

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खुद तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कु्मार से मुलाकात की थी और SIR पर सवाल किया था और फिर से अभिषेक बनर्जी ने इस सप्ताह के अंत में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात के लिए समय मांगा है.

SIR को लेकर चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच रस्साकस्सी चल रही है और टीएमसी चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगा रही है और पक्षपात का आरोप लगा रही है, हालांकि बीजेपी ने आरोप को खारिज कर दिया है.

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