उत्तर प्रदेश SIR 2026: भाजपा गढ़ों में ज्यादा वोट कटौती से बदला चुनावी समीकरण

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के बाद एक नया राजनीतिक विमर्श उभर कर सामने आया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जिन जिलों में भाजपा का मजबूत प्रभाव माना जाता है, वहीं मतदाताओं के नाम सबसे ज्यादा कटे हैं। लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी जिलों में 18 से 22 प्रतिशत तक मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। ये वही क्षेत्र हैं जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था।
सबसे अधिक नाम कटने वाली विधानसभा सीटों में साहिबाबाद, नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद नॉर्थ शामिल हैं, जहां वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं। इस बदलाव ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और विपक्ष को भी नए मुद्दे मिल गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाताओं की कटौती अपेक्षाकृत कम रही है। संभल, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर जैसे जिलों में यह कमी 10 से 14 प्रतिशत के बीच रही। इससे यह संकेत मिलता है कि ग्रामीण और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में मतदाता सूची अधिक स्थिर रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि सभी नाम कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हटाए गए हैं। यदि कोई मतदाता असंतुष्ट है तो वह नियमानुसार अपील कर सकता है।
SIR 2026 के बाद राज्य में कुल 84 लाख नए मतदाता जुड़े हैं, जिससे कुल संख्या 13.39 करोड़ पहुंच गई है। ऐसे में आगामी चुनावों में इस बदलाव का असर साफ देखने को मिल सकता है।