केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को तीन कथित बंबीहा गैंग से जुड़े भगोड़ों को मलेशिया से भारत लाए जाने की जानकारी दी। भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद तीनों को पुलिस हिरासत में भेजा गया है। सरकार ने इसे सुरक्षित भारत की दिशा में अहम कदम बताया।
मलेशिया से भारत लाए गए तीन भगोड़े
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अगस्त 2026 को तीन कथित भगोड़े गैंगस्टरों को भारत वापस लाए जाने की घोषणा की। उनके मुताबिक, तीनों आरोपी बंबीहा गैंग से जुड़े हैं और भारतीय एजेंसियों ने उन्हें मलेशिया में पकड़ा।
भारत प्रत्यर्पण के बाद तीनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई को विदेश में छिपे कुख्यात अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन हैं तीनों आरोपी?
गृह मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत लाए गए आरोपियों के नाम जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, इन तीनों पर जबरन वसूली, सीमा पार हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी समेत कई गंभीर आरोप हैं। इनके खिलाफ पंजाब के लुधियाना में कथित तौर पर नाकाम किए गए ग्रेनेड हमले से जुड़े आरोप भी बताए गए हैं।
इन आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी।

2026 में 51 प्रत्यर्पण का दावा
अमित शाह के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और संरक्षित भारत के विजन के तहत भारतीय एजेंसियां विदेशों में मौजूद कुख्यात अपराधियों को वापस लाने पर लगातार काम कर रही हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत किया जा रहा है।
बंबीहा गैंग का आपराधिक नेटवर्क
बंबीहा गैंग की शुरुआत 2010 के आसपास पंजाब के बंबीहा गांव से जुड़े दविंदर सिंह सिद्धू उर्फ दविंदर बंबीहा से मानी जाती है। समय के साथ इस गैंग का नाम पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में भी सामने आता रहा है।
गैंग की गतिविधियों का नेटवर्क विदेशों तक फैले होने के दावे भी किए जाते रहे हैं। ऐसे में विदेश में छिपे आरोपियों को भारत लाना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से पुरानी दुश्मनी
बंबीहा गैंग और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच लंबे समय से दुश्मनी की बात सामने आती रही है। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने पंजाब और आसपास के राज्यों में गैंगवार की चिंता बढ़ाई है।
इस आपसी टकराव के चलते कई आपराधिक घटनाओं और हत्याओं के मामले अलग-अलग समय पर चर्चा में रहे हैं।
प्रत्यर्पण के बाद जांच पर नजर
मलेशिया से भारत लाए गए तीनों आरोपियों को अब पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ करेंगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित आपराधिक नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी और विदेश में रहते हुए वे किन लोगों के संपर्क में थे।
सरकार के लिए चुनौती सिर्फ आरोपियों को भारत लाना नहीं, बल्कि उनके खिलाफ मामलों की मजबूत जांच और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना भी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।