पंजाब के सीमावर्ती फिरोजपुर जिले में शनिवार शाम हुई गोलीबारी ने इलाके को हिला दिया। मामडोट में बाइक से जा रहे आम आदमी पार्टी के नगर पार्षद गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
मामडोट में सरेराह ताबड़तोड़ फायरिंग
फिरोजपुर के मामडोट कस्बे में शनिवार, 29 अगस्त की शाम करीब 7:45 बजे आम आदमी पार्टी के नगर पार्षद गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि गोपी अपने साथी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के साथ बाइक पर जा रहे थे। इसी दौरान एक कार में सवार हथियारबंद हमलावरों ने उनका पीछा किया और अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले नहीं बची जान
फायरिंग में गुरप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल फिरोजपुर के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोपी के साथ बाइक पर मौजूद हरप्रीत भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए लुधियाना के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है।

चार हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि कार में चार हथियारबंद लोग सवार थे। उन्होंने बाइक का पीछा किया और मौका मिलते ही दोनों पर फायरिंग कर दी।
वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गोलीबारी की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने शुरू की छापेमारी
सूचना मिलते ही फिरोजपुर ग्रामीण के डीएसपी करण कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में चुनावी रंजिश को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हमलावरों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी बताई जा रही है।
हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और हमले के पीछे किसकी भूमिका थी, यह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
चुनावी माहौल में बढ़ी चिंता
फिरोजपुर पंजाब का सीमावर्ती जिला है और यहां हुई इस तरह की वारदात ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर ऐसे समय में जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
मामडोट की इस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि राजनीतिक और चुनावी विवाद अगर हिंसा का रूप लेने लगें, तो लोकतांत्रिक माहौल पर उसका कितना गंभीर असर पड़ सकता है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर हैं।