पंजाब में SIR के बाद 20 लाख वोटरों के नाम कटे, तेलंगाना में 21% वोट घटने की आशंका

Satyakhabarindia

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR ने पंजाब और तेलंगाना की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पंजाब में ड्राफ्ट सूची से 20 लाख से ज्यादा नाम हटे हैं, जबकि तेलंगाना में मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में फॉर्म नहीं मिलने पर चिंता जताई है।

पंजाब में 20 लाख से ज्यादा नाम हटे

पंजाब की सभी विधानसभा सीटों के लिए SIR 2026 के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें 20,50,559 से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 9.63 फीसदी है।

इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें अनुपस्थित, दूसरी जगह स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट श्रेणी में रखा गया है।

किस वजह से हटे नाम?

आंकड़ों के अनुसार, 9,44,131 मतदाताओं को स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित माना गया। वहीं 5,74,568 नाम मृत मतदाताओं की श्रेणी में आए।

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इसके अलावा 4,12,715 मतदाताओं का पता नहीं चल सका, जबकि 1,19,145 डुप्लिकेट प्रविष्टियां पाई गईं। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और गलत या दोहराए गए नामों को हटाना है।

नाम कट गया तो क्या करें?

जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच जरूरी दस्तावेज और निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

पंजाब में SIR के बाद 20 लाख वोटरों के नाम कटे, तेलंगाना में 21% वोट घटने की आशंका

मतदाता अपनी जानकारी चुनाव आयोग के संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर भी जांच सकते हैं। ऐसे में नाम हटने की स्थिति में अंतिम सूची जारी होने से पहले दावा करना महत्वपूर्ण होगा।

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तेलंगाना में 21 फीसदी वोट घटने की चिंता

तेलंगाना में SIR को लेकर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस नेताओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि प्रक्रिया में लापरवाही रही तो राज्य में करीब 21 फीसदी मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।

बताया गया है कि राज्य के करीब 3.38 करोड़ मतदाताओं में से 2.64 करोड़ से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं।

कांग्रेस नेताओं को दिए गए निर्देश

रेवंत रेड्डी ने पार्टी के प्रभारी मंत्रियों को जिलों में समीक्षा बैठकें करने और विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नेताओं से जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं को चुनावी नुकसान से बचने के लिए गंभीरता से काम करने की चेतावनी भी दी है।

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SIR पर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस

पंजाब में जहां हजारों मतदाताओं के नाम हटने के बाद उन्हें दोबारा सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं तेलंगाना में ड्राफ्ट सूची अभी जारी होनी बाकी है।

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है, लेकिन बड़ी संख्या में नाम हटने से राजनीतिक दलों और मतदाताओं की निगाहें दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर टिक गई हैं। आखिरकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत वही मतदाता है, जिसका नाम सही समय पर सही सूची में दर्ज हो।

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