एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह NEET पेपर लीक से जुड़े आंदोलन के दौरान 26 दिनों तक अनशन पर रहे थे। अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दी और कहा कि अब वह पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे, उसके बाद लद्दाख लौटेंगे।
मेदांता अस्पताल से मिली छुट्टी
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से काफी बेहतर है और वह जल्द ही अपने घर लद्दाख के लिए रवाना होंगे।
राजघाट जाकर देंगे श्रद्धांजलि
वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद वह सबसे पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाएंगे। इसके बाद वह अपने गृह राज्य लद्दाख लौटेंगे। यह जानकारी उन्होंने स्वयं अपने वीडियो संदेश में दी।

डॉक्टरों और समर्थकों का जताया आभार
सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान समर्थन देने वाले लोगों और अपनी आवाज बुलंद करने वाले सभी समर्थकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
26 दिनों तक रहे भूख हड़ताल पर
वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल हुए थे और 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद 18 जुलाई को उन्हें पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरकार के आश्वासन के बाद खत्म किया था अनशन
24 जुलाई को सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया था। इसके बाद से डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।