जींद यूनिवर्सिटी के चार प्रोफेसरों पर मार्किंग में भेदभाव का आरोप, मामला दर्ज
एडीसी ने की थी छात्रा की शिकायत पर जांच, मिले सबूत अब मामला हुआ दर्ज

सत्य खबर हरियाणा
CRSU Jind : जींद सदर थाना पुलिस ने स्थानीय चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी के चार प्रोफेसर डॉक्टर जसवीर सिंह, डॉक्टर अनुपम भाटिया, डॉक्टर भावना और सुनीता के खिलाफ बच्चों के परीक्षा में अंक कम ज्यादा करने के मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। यह मामला जींद के अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुआ है।
जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में आ गई है। यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था और अब विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के अंक कम ज्यादा करने का मामला सामने आया है। इस मामले में खास बात यह भी है कि जांच अधिकारियों के सामने कुछ प्रोफेसर ने इस बात को स्वीकार किया है कि यूनिवर्सिटी के ही कुछ अधिकारियों ने नंबरों में गड़बड़ की है। जींद पुलिस ने आरोपी चार प्रोफेसरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि इससे पहले यहां भर्तियों के मामले में भी पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं।
क्या है शिकायत
रिचा भंडारी नामक एक छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि एमएफए सैकेंड ईयर के छात्रों के फर्स्ट सेमेस्टर के इंटरनल मार्क्स में गंभीर गड़बड़ी की गई है। कक्षा में जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम रही तथा जिन्होंने कक्षा की गतिविधियों में विशेष सहभागिता नहीं की उन्हें अधिक अंक प्रदान किए गये हैं। वहीं जिन छात्रों की उपस्थिति नियमित रही और जिन्होनें प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय रूप से सहभागिता की, उनके अपेक्षा से कम अंक अंकित किए गये हैं। एमएफए के फर्स्ट सेमेस्टर 2024-25 के छात्र प्रियंका, श्वेता, विशाल, कुलदीप और नेहा के हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न वेस्टर्न आर्ट के इन्टरनल मार्क्स भी छेड़छाड़ करके बदले गये हैं और विजुलाइजेशन सब्जेक्ट के नम्बर भी बदले गये हैं। जो अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल हैं वो पैसे लेकर नंबर बदलते हैं। जब सम्बन्धित शिक्षक से जानकारी प्राप्त की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा दिए गये मूल अंकों में बदलाव किया गया है। एक शिक्षक डा. गुरिंदर की पत्नी जो इसी विश्वविद्यालय में एमएफए की छात्रा थी, को अधिक अंक प्रदान किए गये हैं। यह स्पष्ट रूप से पक्षपात एवं अनुचित मूल्यांकन को दर्शाता है। कई बार कुलपति, रजिस्ट्रार एवं चेयरपर्सन को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। सबसे गंभीर बात यह है कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ फर्स्ट सेमेस्टर में नंबर बदलने की शिकायत कर चुके थे, उन्हीं को दोबारा सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षाओं का कार्यभार सौंप दिया गया।
जांच के दौरान सौंपे सबूत
सुश्री ऋचा भण्डारी ने जांच के दौरान अधिकारियों को सबूत भी सौंपे कि किस प्रकार से किसी छात्र के वास्तविक अंको को कम कर दिया गया और किसी छात्र के वास्तविक अंक बढ़ा दिए गए। छात्रा ने जांच के दौरान अपने बयान में कहा कि वह यूनिवर्सिटी की छात्रा है और कुछ अधिकारी व कर्मचारी कुछ छात्रों के साथ मिलकर लम्बे समय से परीक्षा परिणामों धांधली कर रहे हैं। उसने, अमित कुमार, साहिल व सागर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी इस मामले से सम्बन्धित सीडब्लूपी सीआरएमएम डाली थी। वह एमएफए सेकेंड ईयर की छात्रा है। फर्स्ट सेमेस्टर के इंटरनल मार्क्स में गंभीर गड़बड़ी की गई है। एमएफए के फर्स्ट सेमेस्टर 2024-25 के छात्र प्रियंका, श्वेता, विशाल, कुलदीप और नेहा के हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न वेस्टर्न आर्ट के इन्टरनल मार्क्स भी छेड़छाड़ करके बदले गये हैं और विजुलाइजेशन सब्जेक्ट के नम्बर भी बदले हैं। जो अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल हैं वो पैसे लेकर नंबर बदलते हैं। उन्होंने कई बार कुलपति, रजिस्ट्रार एवं चेयरपर्सन को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके उपरान्त माननीय राज्यपाल को भी दो बार शिकायत दी। जब इन्टरनल मार्क्स सबमिट करवा दिए जाते हैं तो उसके बाद सिर्फ क्लर्क, इंचार्ज व चेयरपर्सन को उनके बारे में पता होता है। परीक्षा परिणामों हेरा-फेरी के उदाहरण भी जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान कहा गया कि एमएफए पी-106 के 2024-25 के सेमीनार में भी नंबरो को फ्लूड लगाकर बदला गया है जिस पर डा. गुरिन्द्र के हस्ताक्षर हैं।
मान जाओ वरना विभाग बंद
26 जुलाई 2025 को शिकायतकर्ता छात्रों द्वारा यूजीसी में एक शिकायत भेजी गई। इस शिकायत की जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के अधिकारियों द्वारा शिकायत करने वाले छात्रों को धमकाया गया। विभाग के चेयरपर्सन डा. जसबीर सूरा ने नए अंक बताए और कहा कि अब मान आओ नहीं तो फाईन आर्ट डिपार्टमेंट बन्द कर दूंगा। दबाव डालकर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाए गए। जिसमें लिखवाया गया कि हम इन नम्बरों से सहमत है और उन्होंने नंबर बदलने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने का वादा किया जबकि उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से शिकायत के बाद, डा. जसबीर सूरा, चेयरपर्सन फाइन आर्टस विभाग इंचार्ज व सम्बन्धित क्लर्क को बदल दिया गया है जो इस बात कर सबूत है कि फाइन आर्टस डिपार्टमेंट में कुछ न कुछ गलत चल रहा था।
सहायक प्रोफेसर का आरोप
जांच के दौरान डा. ज्योति, सहायक प्रोफेसर ने अपने बयान 2 दिसंबर 2025 को दर्ज करवाते हुए लिखा है, मैं सीआरएसयू में फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हूं। फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में मेरे द्वारा फर्स्ट सेमेस्टर 2024-25 में बीएफए व एमएफए में कक्षाएं दी गई जिनके इन्टरनल मार्क्स मेरे द्वारा दिए गए। परन्तु मेरे द्वारा दिए गए इन्टरनल मार्क्स को डा. भावना द्वारा बदल दिया गया। उन्होनें अवैध रूप से बिना मेरी अनुमति के जो विद्यार्थी कक्षा में कम आते थे व कोई कार्य नहीं करते थे उन्हें अधिक नम्बर दिए और जो विद्यार्थी नियमित रूप से उपस्थित रहे उनके नम्बरों का बदल दिया गया।
आगे क्या
इस मामले में थाना सदर जींद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक भगवत को लगाया गया है।
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