Govardhan Asrani: बॉलीवुड ने दिया मौका, लेकिन इस अभिनेता ने पहले ही फिल्म में बजी ताली, दिवाली पर हुआ निधन

Govardhan Asrani: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री ने हमेशा ही नए प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मौका दिया है। कुछ कलाकार सितारे बने, तो कुछ दर्शकों का दिल नहीं जीत पाए। लेकिन उस अभिनेता ने, जिन्हें इस फोटो में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन के साथ देखा जा सकता है, ब्रिटिश-युग के ‘जेलर’ के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनका पहला ही फिल्म उनका करियर बना, और वे रातों-रात सितारा बन गए। उन्होंने अपने करियर में कई बॉलीवुड सुपरस्टार्स के साथ काम किया, और ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। अभिनय के अलावा वे अपने निजी जीवन में भी जया बच्चन और अक्षय कुमार के बेहद करीब थे। फिल्मी परिवार से न होने के बावजूद असरानी ने बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने दिवाली, 20 अक्टूबर 2025 को दुनिया को अलविदा कहा।
जन्म, शिक्षा और संघर्ष
असरानी का जन्म 1 जनवरी 1941 को जयपुर में हुआ। उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर से पढ़ाई की और फिर राजस्थान कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। असरानी ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले FTII (फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया) से अभिनय में डिग्री हासिल की। फिल्मी परिवार न होने के कारण उन्हें इंडस्ट्री में प्रवेश के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। शुरुआती दौर में उन्हें उनके कद और चेहरे के कारण कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा, वे राजनीतिज्ञ भी थे और 2004 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए।

एक फिल्म ने बनाई पहचान
असरानी ने अपने करियर में 300 से अधिक हिंदी और गुजराती फिल्मों में काम किया। उन्होंने जया भादुरी के साथ फिल्म ‘गुड्डी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके अभिनय की सभी ने सराहना की और फिल्म हिट भी हुई। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे, लेकिन संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें कमर्शियल अभिनेता नहीं मानते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि गुलज़ार साहब ने कहा, “नहीं, उन्हें मैं कमर्शियल अभिनेता नहीं लगता… मेरा चेहरा अजीब और कद छोटा है।” इसके बाद निर्देशक एल.वी. प्रसाद ने उनसे पूछा कि उनका चेहरा न ही हीरो जैसा है, न विलेन जैसा, तो उन्हें किस प्रकार का रोल दिया जाए।
असरानी ने दक्षिण भारत में भी काम किया, जहां उनकी प्रतिभा को सराहा गया और उन्होंने कई दक्षिण भारतीय निर्देशकों की फिल्मों में काम किया। लेकिन उनकी पहचान असली रूप में तब बनी जब उन्होंने अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ में जेलर का किरदार निभाया। इस रोल ने उन्हें बॉलीवुड में एक स्थायी पहचान दिलाई।
सफलता और फिल्मी योगदान
असरानी ने अपने पांच दशक लंबे करियर में न केवल यादगार अभिनय किया, बल्कि बॉलीवुड में कॉमेडी और चरित्र भूमिकाओं में भी अपनी विशेष जगह बनाई। उनका रिश्ता जया बच्चन और अक्षय कुमार के साथ निजी जीवन में भी गहरा था। उनका योगदान फिल्मों में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिन्होंने दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने और यादगार किरदार निभाने का काम किया। उनकी फिल्मों और अभिनय की विरासत हमेशा जीवित रहेगी।