IAS विजय दहिया के खिलाफ नहीं चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा
सरकार ने कहा, एसीबी ने नियमों का पालन नहीं किया

Satyakhabar, Chandigarh
Corruption : प्रदेश सरकार ने आईएएस विजय दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला चलाने की एसीबी को अनुमति नहीं दी है। इससे पहले इसी प्रकार से आईएएस जयवीर आर्य के खिलाफ भी सरकार ने मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी।
साल 2001 बैच के आईएएस अधिकारी विजय दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा अब नहीं चलेगा। हरियाणा सरकार ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद दहिया के खिलाफ अदालत में चालान भी दायर नहीं हो सकेगा।
एसीबी ने जुलाई 2024 में दहिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी और इसके बाद दो बार रिमाइंडर भी भेजे गए। मामले की समीक्षा के बाद राज्य सरकार ने पाया कि एसीबी ने एफआईआर दर्ज करने से पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत आवश्यक सरकारी मंजूरी नहीं ली थी। जांच एजेंसी आईएएस अधिकारी और अन्य आरोपियों के बीच कथित लेनदेन की कड़ी को भी स्थापित करने में विफल रही। इन्हीं आधारों पर राज्य सरकार ने अभियोजन की मंजूरी देने से इन्कार कर दिया।

इससे पहले सरकार आईएएस अधिकारी जयवीर आर्य के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दे चुकी है। एसीबी ने 20 अप्रैल 2023 को युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के तत्कालीन प्रशासनिक सचिव विजय दहिया, हरियाणा कौशल विकास मिशन के मुख्य कौशल अधिकारी (संविदा) दीपक शर्मा और पूनम चोपड़ा नामक महिला को इस मामले में नामजद किया था। एसीबी ने विजय दहिया को 10 अक्तूबर 2023 को गिरफ्तार किया था जिसके बाद वह 49 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहे।
फतेहाबाद निवासी रिंकू मनचंदा जो हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत छात्रों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करते थे, ने आरोप लगाया था कि कौशल विकास विभाग पर उनके लगभग 50 लाख रुपये बकाया थे, उस दौरान मुख्य कौशल अधिकारी दीपक शर्मा ने बिलों की मंजूरी के बदले पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी और भुगतान के लिए दिल्ली निवासी पूनम चोपड़ा से मिलने को कहा।
यह भी दावा किया गया कि पूनम चोपड़ा की पहचान दहिया की जानकार के रूप में कराई गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूनम चोपड़ा ने बताया कि पांच लाख रुपये और पांच प्रतिशत कमीशन पर बात तय हो गई है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूनम को दो लाख रुपये का भुगतान किया। शेष राशि देने की प्रक्रिया के दौरान एसीबी ने पूनम चोपड़ा को गिरफ्तार किया और बाद में विजय दहिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में दोनों अधिकारी जमानत पर बाहर आए थे।
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