अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह को मिलने लगी अब मजबूत टक्कर
गुरुग्राम में राव नरबीर और महेंद्रगढ़ में राव अभय सिंह मजबूत विरोधी

देश के अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह को सबसे बड़ा नेता माना जाता था। राव वीरेंद्र सिंह के परिवार से आने वाले राव इंद्रजीत सिंह जब तक कांग्रेस में रहे कांग्रेस यहां पर मजबूत रही और जब वह बीजेपी में गए तो बीजेपी यहां पर मजबूत हो गई लेकिन वर्तमान में राव इंद्रजीत सिंह को उनके अपने अहीरवाल में जबरदस्त चुनौती मिल रही है। गुरुग्राम और मानेसर में उन्हें राव नरबीर सिंह से मजबूत चुनौती मिल रही है तो महेंद्रगढ़ जिले में राव अभय सिंह उनके मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनकर खड़े हो गए हैं।
हालांकि प्रदेश में चुनाव में अभी 3 साल से ज्यादा का समय बचा है लेकिन सर्दी के इस मौसम में अहीरवाल की राजनीति अपने पूरे उफान पर है।
राव इंद्रजीत सिंह समय-समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते रहते हैं। बीते दिनों उन्होंने अपने समर्थक विधायकों की डिनर पार्टी का आयोजन कर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया था लेकिन उसके बाद से वह बिल्कुल चुप हैं। मानेसर में नगर निगम के वरिष्ठ उपमेयर और उपमेयर के चुनाव में राव नरबीर सिंह ने राव इंद्रजीत सिंह को पटखनी देने का काम किया था। अब महेंद्रगढ़ जिले में राव अभय सिंह उन्हें मजबूत टक्कर दे रहे हैं। राव अभय सिंह को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद माना जाता है। महेंद्रगढ़ जिले में राव इंद्रजीत सिंह के विरोध में भाजपा के तीन बड़े नेता हैं जिनमें विधायक कंवर सिंह पूर्व विधायक सीताराम और पूर्व मंत्री अभय सिंह शामिल हैं। अब यह तीनों एक मंच पर आकर राव इंद्रजीत सिंह का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
राव इंद्रजीत सिंह के विरोधी अभय सिंह यादव इशारों ही इशारों में प्रहार करने में विश्वास करते हैं। बिना नाम लिए वह राव इंद्रजीत सिंह को बब्बर शेर बताते हुए कहते हैं कि वह किसी को भी नहीं छोड़ने तथा सबका शिकार कर जाते हैं।
भाजपा की चिंता
भाजपा को पार्टी विद ए डिफरेंट की संज्ञा दी जाती है। माना जाता है कि पार्टी में गुटबाजी को कोई स्थान नहीं मिलता, लेकिन वर्तमान में विशेष तौर पर अहीरवाल में पार्टी में गुटबाजी अपने चरम पर है। सबसे ज्यादा अनुशासन में रहने वाली भाजपा पार्टी में अनुशासन गड़बड़ा गया है। जिला गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ में भाजपा दो फाड़ होने के कगार पर है। बंद कमरों में होने वाली भाजपा की खेमे बाजी अब खुले मैदान में होने लगी है। दोनों जिलों में दो-दो गुट बन गए हैं। जिसमें एक केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह गुट तथा दूसरा एंटी राव इंद्रजीत सिंह गुट है। महेंद्रगढ़ जिले में राव के गुट में नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव के अलावा महेंद्रगढ़ से भाजपा के वरिष्ठ नेता रामबिलास शर्मा हैं। पार्टी में चल रही इस अनुशासनहीनता पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की भी नजर है तथा वे इन गतिविधियों को देख रहे हैं। पार्टी के एक पुराने नेता ने बताया कि इस प्रकार से अपनी ही पार्टी के नेताओं के बारे में बोलना ठीक नहीं है। दूसरी ओर पार्टी के जिला प्रधान यतेंद्र यादव से इस बारे में पूछा गया कि अनुशासन वाली पार्टी में इस तरह का होना सही है तो उन्होंने कहा कि यह नेताओं के अपने-अपने विचार हैं। पार्टी के किसी भी पदाधिकारी ने कभी कोई ऐसा बयान नहीं दिया।